भारतीय नव वर्ष पर 108 कुंडीय महायज्ञ का किया आयोजन।
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भीनमाल।भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के उपलक्ष में स्थानीय नीलकंठ महादेव मंदिर में सनातन संस्कृति जागरण संघ द्वारा भव्य 108 कुंडिय महायज्ञ का आयोजन किया गया। सनातन संस्कृति जागरण संघ के सदस्य अर्जुन बंजारा ने बताया कि 108 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन सनातन संस्कृति जागरण संघ द्वारा किया गया । जिसमें सर्व हिंदू समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से भाग लिया। यज्ञ के ब्रह्मा आर्ष गुरुकुल महाविधालय के अध्यक्ष आचार्य ओमप्रकाश आर्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वैदिक रीति से यज्ञ का संपादन किया । जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया । मानो यज्ञ से निकली महक ने हमें अपने सत्कर्मों की महक पूरे समाज में बिखेरने की प्रेरणा दी हो।यज्ञ के अतिथियों का यथोचित सम्मान सत्कार के बाद विद्या भारती के अखिल भारतीय सचिव वासुदेव प्रजापति ने भारतीय नववर्ष के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व धार्मिक महत्व के बारे में बताया। वाराह इंफ्रा लिमिटेड के एमडी प्रेमसिंह राव ने सामाजिक समरसता एवं समानता हेतु और बड़े प्रयास करने की जरूरत पर बल दिया । उन्होंने सनातन संस्कृति जागरण संघ द्वारा चलाए जा रहे घर घर यज्ञ अभियान को सराहा। एसके मार्बल के मालिक सरससिंह चौहान ने भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठता एवं वैज्ञानिकता के बारे जानकारी दी। प्रतिष्ठित व्यवसायी हीरालाल माली ने सबसे सामाजिक समरसता पूर्ण व्यवहार करने की अपील की।
इस अवसर पर प्रेमसिंह राव ने आर्ष गुरुकुल महाविधालय, माउंट आबू की तर्ज पर भीनमाल में गुरुकुल स्थापना हेतु हरसंभव आर्थिक सहयोग देने की घोषणा खुले मंच से की यज्ञ के बाद उन लोगों का सम्मान किया गया जिन्होंने सनातन संस्कृति जागरण संघ द्वारा चलाए जा रहे घर घर यज्ञ अभियान से प्रेरित होकर व्यसन एवं मांसाहार का त्याग किया है।
नववर्ष के स्वागत में यज्ञ स्थल पर फाफरिया विद्या मंदिर के स्टाफ द्वारा सुंदर रंगोली बनाई गई एवं दीपमाला सजाई गई। संगठन के मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि सनातन संस्कृति जागरण संघ पिछले लंबे समय से सामाजिक कुरीतियों को मिटा कर सामाजिक समानता की स्थापना, धर्म जागरण एवं व्यसन, मांसाहार को त्यागने हेतु अपने घर घर यज्ञ अभियान द्वारा प्रयासरत हैं। इस संगठन ने अभी तक 80 यज्ञों का आयोजन किया है । जिसमें 2 बार 200 कुंडीय महायज्ञ,
3 बार 108 कुंडीय महायज्ञ, 1 बार 51 कुंडीय व 1 बार 31 कुंडीय महायज्ञों का आयोजन अब तक किया जा चुका है। संगठन के बहुआयामी यज्ञ अभियान से समाज में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
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