महिलाओं ने मनाया धूम धाम से गणगौर उत्सव।
|
😊 Please Share This News 😊
|

भीनमाल-चैत्र शुक्ल तृतीया को गणगौर पर्व धूमधाम से मनाया गया। इसको लेकर शहर के विभिन्न मोहल्लों में भी गणगौर पर्व पर गणगौर माता की सवारी बड़े धूमधाम से निकली। 16 दिवसीय इस कार्यक्रम को लेकर विवाहित महिलाओं से लेकर कन्याओं में भी उत्साह नजर आ रहा था। महिलाओं एवं बालिकाओं ने सामूहिक रूप से पूजन कर मंगल गीतों के साथ पर्व को खुशियां के साथ मनाया।शहर के माहेश्वरी कॉलोनी में गणगौर पूजन कार्यक्रम रखा गया। जिसमें विवाहित महिलाओं के साथ ही कुंवारी कन्याओं ने भी पूजन कर मंगलकामना की। पर्व के चौथे दिन (चौथलिया), आंठवें दिन (अठलिया), दसवें दिन (दसलिया) के दिन समाज की महिलाएं बेडला सिर पर धारण कर शहर में घूम रही थी । वही तीज के दिन गणगौर माता की सवारी क्षेमकरी माता सर्किल, खारी रोड, माघ चौक, चंडीनाथ महादेव मंदिर होते हुए पुनः कॉलोनी पहुंची।
सालों पुरानी परंपरा – माहेश्वरी समाज तहसील अध्यक्ष महादेव राठी ने बताया कि पति के लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ विवाहित महिलाएं इस व्रत को करती है ।
वहीं कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए इस व्रत को करती हैं। इसमें कुंवारी कन्या से लेकर विवाहित स्त्री भगवान शिव व माता पार्वती का पूजन करती हैं। ऐसी मान्यता है कि शादी के बाद पहला गणगौर पूजन मायके में किया जाता है। इस पूजन का महत्व अविवाहित कन्या के लिए अच्छे वर की कामना को लेकर रहता है । जबकि विवाहित स्त्री अपने पति की दीर्घायु के लिए पूजन करती हैं। इसमें अविवाहित कन्या पूरी तरह से तैयार होकर और विवाहित स्त्री सोलह श्रृंगार करके पूरे सोलह दिन पूजन करती हैं।(0000)
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |
More Stories
[responsive-slider id=1466]
