उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साल 2015 में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की गई थी, जब संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया था।
यह दिवस शारीरिक व मानसिक कल्याण, दोनों के लिए योग का अभ्यास करने के कई लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और विभिन्न संस्कृतियों व समाजों में इसकी सार्वभौमिक अपील को बढ़ावा देने के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में कार्य करता है।
साल 2015 में शुरुआत के बाद से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को पूरे विश्व में विभिन्न कार्यक्रमों, संगष्ठियों, कार्यशालाओं और प्रदर्शनों के साथ मनाया जाता रहा है, जिसका उद्देश्य व्यक्तियों और समुदायों पर योग के गहरे प्रभाव को रेखांकित करना है।
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान ने हजारों कुशल योग गुरु तैयार करके हमारे देश में योग के परिदृश्य को आकार देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) के निदेशक डॉ. काशीनाथ समागंडी ने कार्यक्रम की शुरुआत गर्मजोशी से अपने स्वागत भाषण के साथ की।
उन्होंने इस कार्यक्रम की सफलता में बहुमूल्य योगदान के लिए सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने योग के सार्वभौमिक अभ्यास को बढ़ावा देने में इसके महत्व का उल्लेख किया। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस- 2024 (आईडीवाई-2024) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में आयोजित योग महोत्सव की भूमिका को रेखांकित किया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का यह 10वां संस्करण स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने वाले इस वैश्विक आंदोलन की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को दिखाता है।इस कार्यक्रम के तहत सामान्य योग प्रोटोकॉल का एक सीधा प्रदर्शन किया गया, जिसमें संस्थान के निदेशक के नेतृत्व में मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के चिकित्सकों की विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया गया।
इस प्रदर्शन में 5,000 से अधिक योग उत्सुक प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और सामूहिक रूप से सामान्य योग प्रोटोकॉल में उल्लिखित निर्धारित योग अभ्यासों में शामिल हुए।यह कार्यक्रम आयुष मंत्रालय, गुजरात योग बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों, राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और कई अन्य प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों और विशेषज्ञों की उपस्थिति से समृद्ध हुआ। इसके अलावा आदरणीय योग गुरुओं और उनके संदेशों ने कार्यक्रम को उत्कृष्टता प्रदान की,
जिससे इसका महत्व और अधिक बढ़ गया। उनकी सामूहिक भागीदारी व मार्गदर्शन ने व्यक्तिगत और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने में योग के महत्व पर जोर देते हुए कार्यक्रम को समृद्ध किया।मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के साथ मिलकर आयुष मंत्रालय ‘100 दिन, 100 शहर और 100 संगठन’ अभियान के एक हिस्से के तहत सामूहिक योग प्रदर्शनों और सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित कर रहा है – जो आईडीवाई- 2024 के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम है।
यह पहल विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, संस्थानों, कॉलेजों, कॉर्पोरेट निकायों के साथ-साथ सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों सहित हितधारकों की एक विस्तृत श्रृंखला के सहयोग से संचालित होती है।