केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के लिए नई दिल्ली में लंच का आयोजन किया, विभिन्न मुद्दों पर अनौपचारिक प्रतिक्रिया मांगी।
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नई दिल्ली -केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अपने आवास पर विभिन्न प्रकाशनों और चैनलों के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल पत्रकारों के लिए एक अनौपचारिक मीडिया लंच का आयोजन किया, जहां उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अनौपचारिक प्रतिक्रिया मांगी।डॉ. जितेन्द्र सिंह पिछले कई वर्षों से नियमित अंतराल पर इस तरह के मीडिया सम्मेलन आयोजित करते रहे हैं, आज आयोजित यह सम्मेलन नए साल में अपनी तरह का पहला सम्मेलन है। उनके अनुसार, इस तरह के आयोजन से विभिन्न विषयों पर विचारों के आदान-प्रदान और कई मौजूदा मुद्दों पर विचारों को साझा करने का अवसर मिलता है।लंच मीटिंग में विचारों का जीवंत आदान-प्रदान हुआ, जिसमें पत्रकारों ने विभिन्न नीतिगत मामलों और समसामयिक मामलों पर अपने इनपुट दिए। मंत्री ने खासकर वैज्ञानिकक्षेत्रों पर फीडबैक मांगा जहां सहयोग से शासन, सार्वजनिक सेवा वितरण और सफलता की कहानियों के बारे में व्यापक जागरूकता बढ़ सकती है।इस बैठक में रचनात्मक संवाद का माहौल देखने को मिला, जहां मंत्री ने अपने मंत्रालयों से संबंधित विभिन्न विषयों पर पत्रकारों से सीधे बातचीत की। इस संवादात्मक सत्र में सरकार की पहलों, जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित राष्ट्र के विकास के व्यापक दृष्टिकोण पर गहन चर्चा की गई।अतिथियों का स्वागत करते हुए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग,
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, “मुझे आज आप सब के साथ बातचीत का अवसर पाकर बहुत खुशी हो रही है। लोकतंत्र में पत्रकारों के रूप में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण है और इस तरह की अनौपचारिक बातचीत एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझने और हमारे साझा राष्ट्रीय लक्ष्यों की दिशा में काम करने के लिए आवश्यक है।”
इसरो के स्पेस डॉकिंग एक्सपेरीमेंट (एसपीएडीईएक्स) मिशन को एक मील का पत्थर बताते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक महत्वाकांक्षी समयरेखा साझा की: जनवरी 2025: नाविक(एनएवीआईसी)में प्रगति और फरवरी में मोबाइल संचार के लिए एक अमेरिकी उपग्रह का प्रक्षेपण। 2025: व्योममित्रा, एक महिला रोबोट, गगनयान मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्री जैसे कार्य करेगी। 2026: पहला मानवयुक्त गगनयान मिशन। 2035: भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन, भारत अंतरिक्ष स्टेशन। 2040: चंद्रमा पर उतरने वाला पहला भारतीय अंतरिक्ष यात्री।डॉ. जितेंद्र सिंह ने जनता को सूचित करने और जनमत को आकार देने में मीडिया द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। मोदी सरकार 3.0 के नए सुधारों के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने हाल ही में लॉन्च की गई बायो-ई3 (अर्थव्यवस्था, रोजगार और पर्यावरण के लिए जैव प्रौद्योगिकी) नीति पर प्रकाश डाला, जिसे हाल ही में प्रधान मंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया था। भारत के जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए यह दूरदर्शी नीतिएक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो आने वाले वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार परिदृश्य और पर्यावरणीय स्थिरता को आकार देने की इसकी क्षमता को मजबूत करती है।विज्ञान और प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और पृथ्वी विज्ञान को कवर करने वाले बीट पत्रकार भारत के अंतरिक्ष मिशन, डीप सी मिशन और अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों के बारे में जानना चाहते थे। उन्होंने “संपूर्ण विज्ञान, संपूर्ण सरकार और संपूर्ण राष्ट्र” दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने डीप सी मिशन जैसी चल रही पहलों पर प्रकाश डाला, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री मोदी ने कई मौकों पर किया है और अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एनआरएफ), जो 2024 में पारित किया गया और 2025 में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए तैयार है।
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