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दिल्ली में भारत जनजाति उत्सव 2026 की शुरुआत

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नई दिल्ली-नई दिल्ली स्थित सुंदर नर्सरी में भारत के जनजातीय समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, शिल्प कौशल और उद्यमशीलता की भावना का उत्सव मनाने वाला एक राष्ट्रीय मंच भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 का उद्घाटन किया गया। इस महोत्सव का आयोजन जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (टीआरआईएफईडी) के सहयोग से किया जा रहा है।इस महोत्सव का उद्घाटन केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने वियतनाम समाजवादी गणराज्य के विशिष्ट संस्कृति और धार्मिक मामलों के मंत्री श्री दाओ न्गोक डुंग और विशिष्ट संस्कृति और धार्मिक मामलों के उप मंत्री  श्री वाई. थोंग की उपस्थिति में किया। इस कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव श्रीमती रंजना चोपड़ा; टीआरआईएफईडी के प्रबंध निदेशक श्री एम. राजामुरुगन; जनजातीय कार्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री मनीष ठाकुर और जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री अनंत प्रकाश पांडे के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारी, जनजातीय लीडर, कारीगर और अन्य हितधारक भी उपस्थित थे।इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने कहा कि भारत जनजाति महोत्सव भारत के जनजातीय समुदायों की समृद्ध परंपराओं, रचनात्मकता और अनुकूलन को दर्शाता है। यह महोत्सव जनजातीय कला, शिल्प, हथकरघा, व्यंजन और उद्यमों को प्रदर्शित करने के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच के रूप में कार्य करता है, साथ ही जनजातीय कारीगरों और उद्यमियों के लिए बाजार संबंधों को मजबूत करता है।वियतनाम समाजवादी गणराज्य के विशिष्ट संस्कृति और धार्मिक मामलों के मंत्री श्री दाओ न्गोक डुंग ने भारत और वियतनाम के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को लेकर सराहना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हमें भारत के साथ एक मजबूत और

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image0012800.jpgबहुआयामी संबंध साझा करने में खुशी हो रही है, जो हमारे सांस्कृतिक, आर्थिक और जातीय संबंधों पर आधारित है। भारत-वियतनाम संबंधों की 10वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में इस तरह की

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image0023UYN.jpgपहल हमारे आपसी जुड़ाव को और प्रगाढ़ करने, आपसी समझ को बढ़ावा देने और हमारे दोनों देशों के बीच स्थायी बंधन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।A person holding a gongAI-generated content may be incorrect.जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव श्रीमती रंजना चोपड़ा ने इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत जनजाति महोत्सव जनजातीय शिल्प कौशल और उद्यमशीलता की अपार क्षमता को उजागर करता है। साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि पारंपरिक ज्ञान पद्धतियों और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जाए और उसे बढ़ावा दिया जाए। हमें विश्वास है कि आने वाले दिनों में जनजातीय कारीगर अपने उत्पादों को सफलतापूर्वक बेच सकेंगे, बेहतर मुनाफा कमा सकेंगे और सार्थक पहचान हासिल कर सकेंगे, जिससे उनकी आजीविका और बाजार में उनकी उपस्थिति और मजबूत होगी।यह महोत्सव देशभर के जनजातीय समुदायों और उद्यमों को एक साथ लाता है और हस्तशिल्प, हथकरघा, वन उत्पाद और पारंपरिक व्यंजनों का एक जीवंत और आकर्षक प्रदर्शन प्रस्तुत करता है। प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं :

  • जनजातीय उत्पादों को प्रदर्शित करने वाले 200 से अधिक चुनिंदा स्टॉल
  • लगभग 75 वन धन विकास केंद्र (वीडीवीके) मूल्यवर्धित वन उत्पादों को बढ़ावा दे रहे हैं
  • भारत भर से कला और शिल्प के 300 से अधिक प्रतिभागी आए हैं
  • 120 जनजातीय व्यंजन प्रतिभागियों ने प्रामाणिक क्षेत्रीय व्यंजन प्रस्तुत कर रहे
  • कुशल कारीगरों द्वारा 17 लाइव शिल्प प्रदर्शन
  • सिग्नेचर पवेलियन में प्रतिष्ठित डिजाइनरों और जनजातीय कारीगरों की कृतियों का प्रदर्शन
  • 400 से अधिक जनजातीय कलाकार पारंपरिक नृत्य और संगीत प्रस्तुत करेंगे

इस महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण आआईएसए ब्रांड का शुभारंभ और सिग्नेचर पवेलियन का उद्घाटन रहा। इसमें अग्रणी डिजाइनरों और जनजातीय कारीगरों के बीच सहयोग से विकसित किए गए चुनिंदा आदिवासी वस्त्रों और शिल्पकलाओं का प्रदर्शन किया गया। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, श्रीमती रंजना चोपड़ा, श्री एम. राजमुरुगन, जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री अनंत प्रकाश पांडे, प्रसिद्ध डिजाइनर श्री मनीष त्रिपाठी और अन्य गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति में श्री जुएल ओराम ने आरआईएसए ब्रांड का शुभारंभ किया।आरआईएसए मंच के माध्यम से स्वदेशी वस्त्र परंपराओं जैसे कि असम की एरी सिल्क और मूगा सिल्क, ओडिशा की कोटपैड कॉटन, लद्दाख की चांगपा पश्मीना और तमिलनाडु की टोडा कढ़ाई को समकालीन डिजाइन प्रारूपों में प्रस्तुत किया जा रहा है। इससे जनजातीय कारीगरों के लिए अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए व्यापक बाजारों तक पहुंचने के नए अवसर मिल रहे हैं।

A group of people sitting on a stageAI-generated content may be incorrect.इससे जनजातीय कारीगरों के लिए अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए व्यापक बाजारों तक पहुंचने के नए अवसर मिल रहे हैं।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image005JQBN.jpgइस महोत्सव के तहत 19 मार्च 2026 से एक बहु-दिवसीय भारत जनजाति व्यापार सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें नीति

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image0060RT0.jpgइस महोत्सव के तहत 19 मार्च 2026 से एक बहु-दिवसीय भारत जनजाति व्यापार सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें नीति निर्माता, उद्योगपति, डिजाइनर और जनजातीय उद्यमों को एक साथ लाकर सहयोग, नवाचार और बाजार विस्तार के अवसरों की संभावनाओं का पता लगाया जाएगाा।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image007S0SO.jpg24 मार्च 2026 को होने वाला सीएसआर शिखर सम्मेलन स्थायी आजीविका को बढ़ावा देने के लिए कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के माध्यम से कॉरपोरेट संस्थानों और जनजातीय उद्यमों के बीच साझेदारी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

A person standing at a podiumAI-generated content may be incorrect.भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 का आयोजन 18 से 30 मार्च 2026 तक नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में जारी रहेगा, जो आगंतुकों को भारत भर की जनजातीय कला, हथकरघा, हस्तशिल्प, पारंपरिक

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image009Q8LR.jpgव्यंजन और सांस्कृतिक प्रदर्शनों का एक अद्भुत अनुभव प्रदान करेगा। इस महोत्सव का उद्देश्य जनजातीय विरासत के बारे में अधिक जागरूकता को बढ़ावा देना और साथ ही जनजाीय समुदायों के लिए बेहतर आजीविका के अवसर सृजित करना है।

 

 

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