मेडिकल वेस्ट और कचरा प्रबंधन को लेकर फूटा जनाक्रोश,सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
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भीनमाल-( माणकमल भंडारी ) शहर में ठोस कचरा, बायो-मेडिकल वेस्ट के अवैध निस्तारण, डंपिंग यार्ड की बदहाल स्थिति तथा गौवंश की लगातार हो रही मौतों को लेकर अब शहरवासियों, गौभक्तों और सामाजिक संगठनों का आक्रोश चरम सीमा तक पहुँच गया है ।विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने उपखंड अधिकारी को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि शहर में ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। नगर के विभिन्न हिस्सों में खुले में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। जहां प्लास्टिक, सड़ा-गला कचरा तथा अस्पतालों से निकलने वाला खतरनाक मेडिकल वेस्ट सामान्य कचरे के साथ मिला हुआ पाया जा रहा है। इससे पूरे शहर में दुर्गंध फैलने के साथ संक्रमण और महामारी का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि शहर में घूम रहे बेसहारा गौवंश इसी जहरीले एवं प्लास्टिक युक्त कचरे को खाने के लिए मजबूर हैं। इसके कारण कई गौवंश बीमार हो रहे हैं और उनकी मौतें भी हो रही हैं। सामाजिक संगठनों ने इसे केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि धार्मिक और सामाजिक भावनाओं से जुड़ा गंभीर विषय बताया। ज्ञापन में डंपिंग यार्ड स्थित कचरे से जैविक खाद बनाने वाले प्लांट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। आरोप लगाया गया कि लगभग दो वर्षों से प्लांट बंद पड़ा हुआ है, जिसके कारण नगर का कचरा खुले में सड़ रहा है। सामाजिक संगठनों ने इसे सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और प्रशासनिक उदासीनता का उदाहरण बताते हुए इसकी तकनीकी एवं प्रशासनिक जांच की मांग की।
सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा जन आंदोलन
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि सात दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई शुरू नहीं की गई तो शहरवासी, गौभक्त, सामाजिक संगठन एवं विभिन्न जनप्रतिनिधि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन शुरू करेंगे। इसमें अखंड धरना, जन-जागरण अभियान, विशाल प्रदर्शन तथा आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की शरण लेने की बात कही गई। ज्ञापन में सात प्रमुख मांगें भी रखी गई हैं। जिनमें बंद पड़े खाद निर्माण प्लांट को पुनः शुरू करना, मेडिकल वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था लागू करना, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना, खुले कचरे के ढेर हटाना, गौवंश सुरक्षा अभियान चलाना एवं पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाना शामिल है।
मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि इस अवसर पर ओमप्रकाश विश्नोई, शेखर व्यास, नरेश अग्रवाल, सुरेश पारीक, राव विक्रमसिंह आर्य, दिनेश दवे, ओमप्रकाश माहेश्वरी, किशोर सांखला, संजीव माथुर, श्याम खेतावत, पारस मोदी, करण बंजारा, राजूभाई व कृष्ण राजपुरोहित सहित बड़ी संख्या में गौभक्त एवं सामाजिक संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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