स्मार्ट सिटी मिशन के तहत, सभी 100 स्मार्ट शहरों में एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) चालू कर दिए गए हैं। ये केंद्र वास्तविक समय की निगरानी, डेटा-आधारित निर्णय लेने और गतिशीलता, जल आपूर्ति, स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में एकीकृत सेवा वितरण को सक्षम बनाकर शहरी प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शहरी संचालन के लिए आईसीसीसी केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जो वास्तविक समय में निगरानी, डेटा-आधारित निर्णय लेने और शहरी सेवाओं के सक्रिय प्रबंधन को सक्षम बनाते हैं। ये केंद्र यातायात प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइटिंग, सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों जैसे विभिन्न शहरी क्षेत्रों से डेटा को एकीकृत करते हैं। आईसीसीसी का प्रभावी उपयोग यातायात और गतिशीलता प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आपातकालीन और आपदा प्रतिक्रिया, नागरिक शिकायत निवारण, सार्वजनिक सुरक्षा और निगरानी आदि प्रमुख क्षेत्रों में किया जा रहा है।
आईसीसीसी द्वारा प्राप्त डेटा-आधारित जानकारियों का उपयोग शहरी नियोजन और नीतिगत निर्णयों को सूचित करने के लिए तेजी से किया जा रहा है, जिससे शहरी लचीलापन बढ़ रहा है और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। विशिष्ट उदाहरणों में यातायात प्रबंधन और प्रवर्तन के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर), कुशल ठोस अपशिष्ट संग्रहण के लिए जीपीएस-आधारित मार्ग अनुकूलन, सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाने के लिए चेहरे की पहचान प्रणाली और बड़े जमावड़ों के प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भीड़ निगरानी तकनीक का उपयोग शामिल है। ये उपकरण साक्ष्य-आधारित शासन को सक्षम बनाते हैं, परिचालन दक्षता में सुधार करते हैं और शहर के स्तर पर सक्रिय निर्णय लेने में सहायता करते हैं।
यह जानकारी आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी।