नमस्कार हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 97826 56423 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , मुस्कान प्रकृति का अनमोल उपहार : हार्दिक रत्नसूरीश्वर। – Raj News Live

Raj News Live

Latest Online Breaking News

मुस्कान प्रकृति का अनमोल उपहार : हार्दिक रत्नसूरीश्वर।

😊 Please Share This News 😊

भीनमाल ।नंदीश्वर दीप जैन तीर्थ जालोर में भंडारी परिवार की ओर से आयोजित आध्यात्मिक चातुर्मास के अंतर्गत धर्म सभा को संबोधित करते हुए आचार्य हार्दिक रत्नसूरीश्वर ने कहा कि प्रभु महावीर की वाणी अनुभव एवं वेदना से उपजी हुई विश्व कल्याणकारी वाणी है। जिसकी प्रासंगिकता आज के विश्व के लिए सर्वाधिक है।आचार्य ने कहा कि प्रभु महावीर को छोड़कर बाकी सारे तीर्थंकरों का समय चौथे आरे का था। जिसमें सरल एवं सुनने वाले लोग हुआ करते थे। वह समय इतना कठिन नहीं रहा। मगर प्रभु महावीर का समय पंचम आरे का था, जिसमें लोग जटिल थे। उन्हें कल्याणकारी मार्ग दिखाना आसान नहीं था। उन्हें सत्य वाणी समझाना आसान नहीं था। मगर प्रभु महावीर करुणा एवं दया के सागर थे। प्रभु महावीर की वाणी से निकले हुए एक- एक शब्द कल्याणकारी एवं जगत हितकारी हैं। प्रभु महावीर को अपने जीवन काल में अनेक कष्ट एवं उपसर्ग सहन करने पडे। फिर भी उनके हृदय में सबके लिए प्रेम और करुणा का सागर बहता था।धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनिराज ज्ञान कलश विजय ने कहा कि क्रोध करने से सारी साधना और तपस्या निष्फल हो जाती है। इसलिए हर मनुष्य को क्रोध से बचना चाहिए। क्रोध करने से आपसी संबंध बिगड़ते हैं। हमें आपसी मेलजोल और प्रेम से रहना चाहिए । ये रहे धर्म सभा में उपस्थित- धर्मसभा में चम्पालाल भंडारी, वंसत शाहजी, जिला महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष राजकँवर भण्डारी, मधु भण्डारी, संगीता भण्डारी, भीनमाल चातुर्मास समिति के प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी व वरिष्ठ पत्रकार माणकमल भण्डारी, दैविका चौधरी, रिंकु सोलंकी, राकेश मेहता, नेमीचंद जैन, मिडिया प्रभारी हीराचंद भण्डारी, दिलीप भण्डारी, कान्तिलाल भण्डारी सहित सैकड़ों  श्रावक श्राविकाएँ मौजूद थे।हमें सदैव प्रसन्नचित्त रहना चाहिए-आचार्य हार्दिक रत्न सुरिश्वर ने वन्दना विद्या मंदिर जालोर में बाल संवाद किया। बालकों को संबोधित करते हुए आचार्य ने कहा कि मुस्कान मनुष्य जीवन का अनमोल उपहार है। प्रकृति ने सृष्टि के समस्त जीवो मे से मनुष्य को ही यह उपहार दिया है कि वह हँस सकता है। अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति कर सकता है। इसलिए हमें सदैव प्रसन्नचित्त एवं खुश रहना चाहिए। घर परिवार और समाज में आनंद के साथ जीवन बिताना चाहिए।इस दौरान साध्वी रुचिप्रिया म सा एवं परमप्रिया म सा ने कहानियों के माध्यम से बच्चों को संस्कारों की शिक्षा दी।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

[responsive-slider id=1466]
error: Content is protected !!