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संतोष धन व्यक्ति का सबसे कीमती धन होता है-जैनाचार्य।

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भीनमाल।नंदीश्वर जैन तीर्थ में चम्पालाल भंडारी परिवार की ओर से आयोजित आध्यात्मिक चातुर्मास के तहत  आचार्य हार्दिक रत्न सूरीश्वर म सा ने कहा कि संतोष धन व्यक्ति का सबसे कीमती धन होता है।आध्यात्मिक चातुर्मास के मीडिया संयोजक  हीराचंद भंडारी ने बताया कि आचार्य ने कहा कि जब किसी व्यक्ति के जीवन में संतोष का आगमन होता है तो आनंद ही आनंद हो जाता है। आज के दौर में हर व्यक्ति अपनी महत्वाकांक्षा के पीछे भाग रहा है। हर व्यक्ति अपनी इच्छाओं का गुलाम है। वह हर पल व्यथित और परेशान रहता है। क्योंकि इच्छाओं का कोई अंत नहीं होता। एक इच्छा ज्यों ही पूरी होती है तो दूसरी खड़ी हो जाती है। जीवन में खुश और सुखी रहने का एकमात्र मंत्र संतोष है। हमें जरूरत से ज्यादा वस्तुओं का संग्रह नहीं करना चाहिए। हमें हर वक्त याचना वृत्ति नहीं रखनी चाहिए। किसी दूसरे की प्रगति देखकर ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए। सब अपने भाग्य एवं पुण्य सहारे जी रहे हैं। किसी का भी पुण्य छीना नहीं जा सकता। हमें लोभ और लालच नहीं रखना चाहिए। लोभ और लालच व्यक्ति के दुख के कारण होते हैं।सामान्य व्यवहार की चर्चा करते हुए आचार्य ने कहा कि आजकल हम अपने घरों में काम के लिए नौकर रखने लगे हैं। घर का खाना घर की महिलाएं नहीं बनाती। खाना बनाने के लिए हम नौकरानी रखते हैं। जबकि घर का खाना घर की मालकिन को ही बनाना चाहिए। और तप के पारणे का लाभ साधार्मिक को ही लेना चाहिए। हर साधर्मिक को अपने हाथों से पारना करवा कर लाभ लेना चाहिए। शुभ और मंगल  कार्यक्रमों में आडंबर  और दिखावे से बचना चाहिए। हमें यथार्थ में जीना चाहिए। माणकमल ने बताया कि समारोह में चातुर्मास के निमित्त सराहनीय सेवाएं देने वाले महानुभावों का भंडारी परिवार की ओर से माल्यार्पण कर एवं श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर संजय श्रीश्रीमाल, संगीता श्रीश्रीमाल और हीराचंद भंडारी का सम्मान किया गया । आज की धर्मसभा में शान्तिलाल भण्डारी, उम्मेदसिह चारण, रमेश बोहरा, अरविंद भण्डारी, कान्तिलाल भण्डारी, राजु शाहजी, राजेश पारख, नेमीचन्द लुणीया, रमेश जैन, शान्तिलाल सरत, मांगीलाल गोदन, प्रकाश शाहजी, उदयचंद चौधरी, रिखबचंद सोलंकी, पवनराज सोलंकी, कविता भंडारी, लीला भंडारी सहित सैकड़ों श्रावक श्राविकाएँ  मौजूद थे।                          हर घर में गोपालन हो।कैबिनेट मंत्री प्रमोद जैन भाया ने आचार्य के दर्शन कर खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने सरकार की वर्तमान एवं आगामी योजनाओं की जानकारी दी। आचार्य ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने घर में एक गाय पालनी चाहिए। गाय भारत की संस्कृति की संपोषक और संरक्षक रही है । हमारी गौ माता सड़कों पर दर-दर की ठोकरे नहीं खाएं और आवारा नहीं घूमे। इस हेतु सरकार को पैरवी करनी चाहिए। हो सके तो इस बारे में कठोर नियम भी बनाए। ताकि जन सामान्य में गौ पालन की संस्कृति का विकास हो सके। माणकमल भंडारी ने बताया कि इस दौरान प्रमोद जैन भाया के साथ सांचोर नगर परिषद सभापति नरेश सेठ का भंडारी परिवार की ओर से बहुमान, स्मृति चिन्ह व तिलक लगाकर अभिनंदन किया गया।

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