राज्य प्राधिकरण (रालसा) के मोड्युल के तहत महिलाओं के लैंगिक उत्पीडन रोकथाम पर संगोष्ठी।
|
😊 Please Share This News 😊
|

भीनमाल-स्थानीय राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेंद्र सहू (अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति) की मौजूदगी में माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन की रोकथाम के संबंध में एक मामले में वर्ष 2023 में जारी दिशा निर्देशों के अनुसार महिलाओं में लैंगिक उत्पीडन रोकथाम एवं जागरूकता के निर्धारित मोड्यूल अनुसार संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए संगोष्ठी का आयोजन हुआ। संगोष्ठी के विषय पर अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेंद्र सहू, एडवोकेट हेमलता जैन, निर्मला शर्मा ,राहूल गोस्वामी, प्रिंसिपल तेजाराम विश्नोई, उप-प्राचार्य ऊकचंद सिंघल ने संगोष्ठी के विषय पर विचार व्यक्त किए।अपर जिला न्यायाधीश ने कार्यक्रम में कहा कि महिलाओं को अपनी जीवनचर्या में उनके विरुद्ध होने वाले अनैतिक व्यवहार पर मुखर होकर तत्काल विरोध करने हेतु तत्पर रहना चाहिए ताकि प्रतिरोध करने के कई विकल्प मिल जाएंगे। लैंगिक उत्पीडन रोकथाम एवं प्रतितोष का सबसे प्रबल एवं प्रथम तरीका यही है। समाज, परिवार एवं परिजनों को कार्यस्थल पर हुई घटना को बताने में किसी प्रकार की झिजक नहीं रखनी चाहिए।
संगोष्ठी महिलाओं के विषय पर होने से एडवोकेट हेमलता जैन एवं निर्मला शर्मा ने मुख्य वक्ता की भूमिका में रही तथा छात्राओं को सहजता से कार्यक्रम के उद्देश्यों,
महिला अधिकारों एवं सशक्तिकरण, संविधान में महिलाओं के अधिकारों के रक्षार्थ बनाए गये प्रावधानों पर भी चर्चा हुई।
अंत में प्रिंसिपल तेजाराम विश्नोई ने तालुका विधिक सेवा समिति द्वारा विद्यालय में रखी गई संगोष्ठी के लिए आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम में मंजू गोस्वामी,
कमला यादव, काफी तादाद में छात्राओं एवं समस्त अध्यापिकाएं मौजूद रहीं।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |
[responsive-slider id=1466]
