हेमंत राजपुरोहित ने राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रस्तुत किया शोध पत्र, राष्ट्रीय संगोष्ठी ने प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित।
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भीनमाल/जसवंतपुरा-हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ में एक दिवसीय 6 अप्रैल को राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हरियाणा केंद्र विश्वविद्यालय एवं तमिल सांस्कृतिक शोध केंद्र व डी कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में वानविल के.रवि के रचनाकर्म में राष्ट्र प्रकृति व नारी शक्ति विषय पर आयोजित की गई । जिसमें कार्यक्रम का उद्घाटन व अतिथि हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार, सह कुलपति प्रो.सुषमा यादव, प्रो. सुधीर प्रताप सिंह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली, प्रो.किशन बिश्नोई अध्यक्ष गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय हिसार, डॉ.पुकाझ्येंदी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय फ्रेंच विभाग, डॉ लक्ष्मीकांत शर्मा ने किया । राष्ट्रीय संगोष्ठी में जसवंतपुरा के हेमंत राजपुरोहित ने “योद्धा कुइली” में अभिव्यक्त राष्ट्रभक्ति विषय में तमिलनाडु की वीरांगना कुइली का देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का त्याग व तत्कालीन समय में कुंठित मानसिकता से परे जाकर लैंगिक भेदभाव को ध्वस्त करते हुए जो नारी सशक्तिकरण का उदाहरण भारत की प्रथम नारी सेना का निर्माण करके दिया,देश की ऐसी विरली राष्ट्रभक्त पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया शोध पत्र प्रस्तुत करने पर मुख्य अतिथियों के द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी का प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
हेमंत राजपुरोहित वर्तमान में राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में अध्ययनरत है तथा अब तक बहुत से विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं ।इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के प्रमुख बड़े विश्वविद्यालयो और उच्च शैक्षणिक संस्थानों से शिक्षाविदों व शोध प्रस्तोताओ ने भाग लिया।
कार्यक्रम के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर उत्तर भारत क्षेत्र संगठक वरिष्ठ प्रचारक मुरली जी भाईसाहब, डॉ.अमित कुशवाह सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ पंजाब, डॉ. अमरिंदर सिंह एमिटी यूनिवर्सिटी, उपस्थित रहे इसमें धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम की संयोजिका प्रोफेसर एन. एल अय्यर ने किया।
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