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श्रृद्धांजलि अर्पित कर मनायीं डॉ बाबा साहेब की जयंती।

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भीनमाल-आज डॉ भीमराव अम्बेडकर की जयंती के पावन अवसर भीनमाल में जगजीवन राम कालोनी स्थित अपने निवास स्थान पर श्रद्धांजलि अर्पित कार्यक्रम आयोजित किया गया , जिसमें उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प अर्पित किए, कार्यक्रम की अगली कड़ी में ललित कुमार(राजु परमार) ने अपने वक्तव्य में बाबा साहेब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहां कि उन्होंने वंचित वर्ग के लिए ताउम्र कार्य किए उनके अधिकारों के लिए संघर्षरत रहे , उन्होंने आरक्षण दिलवाकर कुछ हद तक दलितों को मुख्यधारा में लाने की कोशिश की । शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा से ही समाज में सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक परिवर्तन देखने को मिलेगा, शिक्षा न केवल पिछड़ापन दूर करेगी अपितु हम अपने अधिकारों के लिए लड़ सकेंगे। शिक्षा से ही हम अपने अन्दर स्किल डेवलपमेंट पैदा कर जीविकोपार्जन कर सकते हैं अतः शिक्षा पिछड़ापन दूर करने के लिए मुख्य हथियार है। साथ ही ललित कुमार ने कहां कि बाबा साहेब द्वारा दिखाया गया समता, न्याय और स्वतंत्रता का मार्ग आज भी हमारे सामाजिक मूल्यों का आधार है। उनके विचार हमें सदैव राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देते रहेंगे।कार्यक्रम की अगली कड़ी में तेजाराम ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर भारतीय समाज के महानायक थे, जिनकी दूरदर्शिता और साहस ने दलितों और पिछड़ों के अधिकारों को नई दिशा दी। उन्होंने समाज के निचले तबकों के लिए संघर्ष किया और उन्हें सम्मान का स्थान दिलवाया। उनके योगदान ने भारतीय समाज में समानता और न्याय की नींव रखी। उनका जीवन एक प्रेरणा है, जो हमें असमानताओं के खिलाफ खड़े होने की शक्ति देता है।                                                                         ” हम इंसान हैं, और हम किसी से कम नहीं हैं।”                  इस कार्यक्रम की अगली कड़ी में बसंत कुमार ने कहा कि
डॉ. भीमराव अंबेडकर एक ऐसे युगद्रष्टा थे जिन्होंने अपने अद्वितीय विचारों और संघर्षों से भारत को एक समतामूलक समाज की राह दिखाई। वे न केवल संविधान निर्माता थे, बल्कि सामाजिक क्रांति के अग्रदूत भी थे। उनका जीवन त्याग, तपस्या और न्याय के लिए अटूट संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने अपने ज्ञान और विचारों से अंधकार में डूबी जातिवादी व्यवस्था को चुनौती दी।                                   ” शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।” – डॉ. भीमराव अंबेडकर
इस कार्यक्रम में ललित कुमार(राजु परमार), तेजाराम, मुकेश कुमार, नरपत कुमार,प्रवीण कुमार, बसंत कुमार, हितेश कुमार, जय बंजारा,सुका देवी, सीता देवी, नारंगी देवी,

रेखा देवी, पिंकी देवी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहें।

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