श्री जे. पी. नड्डा ने कार्यकारी संचालन समिति की दूसरी बैठक में राष्ट्रीय एक स्वास्थ्य मिशन की प्रगति की समीक्षा की। 8 months ago 😊 Please Share This News 😊 Lalit Kumar(Raju) Editor-in-chief(lalit.space10@gmail.com)91+9782656423 नई दिल्ली-केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज राष्ट्रीय एक स्वास्थ्य मिशन (एनओएचएम) की कार्यकारी संचालन समिति की दूसरी बैठक की अध्यक्षता की।मानव, पशु, पौधों और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के बीच संबंधों को पहचानने में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनओएचएम) की भूमिका पर ज़ोर देते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केवल साथ मिलकर काम करके ही हम भविष्य के खतरों का अनुमान लगा सकते हैं, उन्हें रोक सकते हैं और उनका सामना कर सकते हैं। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि एनओएचएम के ज़रिए विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास, कल्पनाओं को वास्तविक परिणामों में बदल रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से इस सहयोग को और मज़बूत करने और एनओएचएम पहलों के कार्यान्वयन में राज्य पदाधिकारियों का सहयोग करने का आह्वान किया।श्री नड्डा ने वन हेल्थ मिशन के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं, रोडमैप और मार्गों में हुई प्रगति की सराहना की और कार्यान्वयन के ढाँचे को मज़बूत करने का सुझाव दिया। मिशन की सफलता के लिए भविष्य को ध्यान में रखते हुए पहले ही की गई विचार प्रक्रिया को बेहद अहम बताते हुए, केंद्रीय मंत्री ने बैठक में हुए विचार-विमर्श से निकले सुझावों का स्वागत किया।इससे पहले, सत्र की शुरुआत करते हुए, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) प्रो. अजय सूद ने ज़ोर देकर कहा कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य महामारी के खिलाफ तैयारियों को बढ़ाना और मानव, पशु और पौधों की स्वास्थ्य प्रणालियों में एकीकृत रोग निगरानी और नियंत्रण तंत्र को मज़बूत करना है। उन्होंने रोग के प्रकोप का वक्त पर पता लगाने और उसपर प्रतिक्रिया तेज़ करने के लिए राज्य-स्तरीय सहभागिता और स्थानीय स्वामित्व के महत्व पर भी ज़ोर दिया।राष्ट्रीय एक स्वास्थ्य मिशन के भविष्य के दृष्टिकोण को और स्पष्ट करते हुए नीति आयोग के सदस्य प्रो. वी. के. पॉल ने सभी प्रतिभागियों से एकीकृत रोग प्रबंधन में कमियों की पहचान करने, उन्हें साझा करने और उन पर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने वन्यजीव निगरानी, सामान्य अपशिष्ट जल निगरानी और जैव सुरक्षा की उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए नए तरीकों पर ध्यान केंद्रित करने की भी सलाह दी। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) के सचिव और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने जुलाई 2024 में पहली संचालन समिति की बैठक के बाद से हुई प्रगति पर जानकारी दी। उल्लेखनीय विकासों में बीएसएल-3 प्रयोगशालाओं के राष्ट्रीय नेटवर्क को मजबूत करना, अगस्त 2024 में आयोजित एक मॉक ड्रिल, विषाणु युद्ध अभ्यास और अंतर-विभागीय सहयोग के ज़रिए शुरू की गई सिंड्रोमिक निगरानी परियोजनाएं शामिल हैं।पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) के सचिव डॉ. तन्मय कुमार ने प्रतिभागियों को वन हेल्थ दृष्टिकोण से पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा की गई विभिन्न पहलों के बारे में जानकारी दी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (डीओएचएफडब्ल्यू) और पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) की प्रस्तुतियों में इस बात पर रोशनी डाली गई कि मानव और पशु स्वास्थ्य क्षेत्रों में अंतर-क्षेत्रीय समन्वय, किस तरह नीतियों को ज़मीनी स्तर पर ठोस नतीजों में बदल रहा है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, राष्ट्रीय एक स्वास्थ्य मिशन एक बदलावकारी अंतर-क्षेत्रीय पहल के रूप में उभरा है, जिसने भारत को वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में अग्रणी स्थान दिलाया है। इस मिशन ने मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य प्रणालियों को एकीकृत करने में बेहद अहम प्रगति की है, जिससे उभरते स्वास्थ्य खतरों के खिलाफ तैयारी और पुख्ता हुई है और साथ ही सतत् विकास को भी बढ़ावा मिला है। कुल 16 विभिन्न मंत्रालय/विभाग इस सहयोगात्मक प्रयास में शामिल हुए हैं और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) के साथ समन्वय कर रहे हैं, जो इस मिशन के लिए नोडल विभाग के रूप में कार्य कर रहा है। व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे Donate Now More Stories जालौर की महिला क्रिकेट टीम का जोधपुर में विशेष प्रशिक्षण शिविर 23 मई से, WPL स्टार सुमन मीणा सहित कई दिग्गज खिलाड़ी शामिल 19 hours ago महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहमः एडीएम पूजा सक्सैना 1 day ago 1500 वर्षों की मेवाड़ी विरासत को समेटे ‘महाराणा’ के नए संस्करण का डॉ. गुलाब कोठारी एवं डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने किया भव्य विमोचन 2 days ago [responsive-slider id=1466] You may have missed जालौर की महिला क्रिकेट टीम का जोधपुर में विशेष प्रशिक्षण शिविर 23 मई से, WPL स्टार सुमन मीणा सहित कई दिग्गज खिलाड़ी शामिल 19 hours ago महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहमः एडीएम पूजा सक्सैना 1 day ago 1500 वर्षों की मेवाड़ी विरासत को समेटे ‘महाराणा’ के नए संस्करण का डॉ. गुलाब कोठारी एवं डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने किया भव्य विमोचन 2 days ago स्वयंसेवकों में कौशल विकास और व्यक्ति-निर्माण से राष्ट्र-निर्माण की साधना है संघ शिक्षा वर्ग 3 days ago