40 से अधिक विदेशी मीडिया पत्रकार भारत के दौरे पर 5 months ago 😊 Please Share This News 😊 Lalit Kumar(Raju) Editor-in-chief(lalit.space10@gmail.com)91+9782656423 डीएसटी ने विदेशी मीडिया प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की और उन्हें भारत की विज्ञान और प्रौद्योगिकी संबंधी प्रगति से अवगत कराया। नई दिल्ली- भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने मध्य एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका के 40 से अधिक विदेशी मीडिया पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ एक संवादात्मक सत्र की मेजबानी की, जो विदेश मंत्रालय (एमईए) द्वारा 9-18 दिसंबर 2025 तक आयोजित भारत की परिचयात्मक यात्रा पर हैं।इस कार्यक्रम का आयोजन विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में भारत की तीव्र प्रगति, उभरते नेतृत्व और वैश्विक सहयोग को उजागर करने के लिए किया गया है।विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर अभय करंदीकर ने विदेशी पत्रकारों को भारत के विकसित हो रहे विज्ञान और प्रौद्योगिकी परितंत्र, प्रमुख राष्ट्रीय मिशनों और 2047 तक विकसित भारत के लिए देश के दृष्टिकोण पर एक प्रस्तुति के माध्यम से अवगत कराया ।सचिव श्री करंदीकर ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति देश के एकीकृत, मिशन-उन्मुख दृष्टिकोण पर जोर देते हुए इसे “देश की नवाचार-संचालित वृद्धि को गति देने वाला एक समग्र सरकारी तंत्र” बताया। देश का विज्ञान और प्रौद्योगिकी परितंत्र एक ऐतिहासिक परिवर्तन से गुजर रहा है। मिशन-उन्मुख कार्यक्रमों, मजबूत अनुसंधान आधारों और बढ़ते वैश्विक सहयोगों के साथ, भारत खुद को भविष्य के लिए तैयार नवाचार दिग्गज के रूप में स्थापित कर रहा है।इसके बाद डीएसटी नेतृत्व के साथ एआई, साइबर सुरक्षा जैसी नई प्रौद्योगिकियों में भारत की प्रगति से लेकर भारतीय शोधकर्ताओं को देश में वापस लाने के भारत के प्रयासों तक पर खुली चर्चा हुई। इस संवादात्मक चर्चा ने प्रतिनिधिमंडल को निम्नलिखित विषयों पर गहन जानकारी प्रदान की: देश में नीतिगत सुधार से विज्ञान और प्रौद्योगिकी का सुदृढ़ हो रहा भविष्य वैश्विक साझेदारी के अवसर सतत एवं समावेशी प्रौद्योगिकियों में भारत का नेतृत्व राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों को आकार देने में नवाचार की भूमिका डीएसटी के अपर सचिव श्री सुनील कुमार और डीएसटी तथा विदेश मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस चर्चा में भाग लिया।डीएसटी के अपर सचिव श्री सुनील कुमार और डीएसटी तथा विदेश मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस चर्चा में भाग लिया।पत्रकारों की इस यात्रा का उद्देश्य भारत की वैज्ञानिक क्षमताओं के बारे में अंतरराष्ट्रीय मीडिया की समझ को बढ़ाना और भारत के तकनीकी परिदृश्य पर अधिक जानकारीपूर्ण वैश्विक रिपोर्टिंग के लिए रास्ते बनाना है। व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे Donate Now More Stories राष्ट्रीय सुशासन केंद्र में सेशेल्स के सिविल सेवकों के लिए पहले क्षमता निर्माण कार्यक्रम का मसूरी में शुभारंभ 40 seconds ago विनियामक मंच की ऐतिहासिक 100वीं बैठक आयोजित हुई 31 mins ago श्री अमित शाह ने उच्च-स्तरीय बैठक में देश में संभावित बाढ़ और हीट वेव से निपटने की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की 2 hours ago [responsive-slider id=1466] You may have missed राष्ट्रीय सुशासन केंद्र में सेशेल्स के सिविल सेवकों के लिए पहले क्षमता निर्माण कार्यक्रम का मसूरी में शुभारंभ 40 seconds ago विनियामक मंच की ऐतिहासिक 100वीं बैठक आयोजित हुई 31 mins ago श्री अमित शाह ने उच्च-स्तरीय बैठक में देश में संभावित बाढ़ और हीट वेव से निपटने की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की 2 hours ago कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) की 49वीं बैठक आयोजित 3 hours ago