“पढ़ने की आदत ही बच्चों को भविष्य का नेतृत्वकर्ता बनाती है”-डॉ. घनश्याम कुमार व्यास
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भीनमाल, 29 जुलाई। राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग के मिशन पढ़ो राजस्थान के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, वडली नाडी, नवापुरा चौपावतन में रीड-ए-थॉन का प्रेरणादायी आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने सामूहिक पठन कर ज्ञान, अनुशासन एवं आजीवन अध्ययन का संकल्प लिया।वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. घनश्याम कुमार व्यास ने कहा, “हर बच्चे के हाथ में पुस्तक और हर बालिका के जीवन में शिक्षा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। पढ़ने की संस्कृति ही नवाचार, नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन की आधारशिला है।” उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन अध्ययन, पुस्तकालय उपयोग, पुस्तक समीक्षा एवं रचनात्मक लेखन के लिए प्रेरित किया।प्रधानाध्यापक त्रिभुवन सिंह ने कहा कि मिशन पढ़ो राजस्थान केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का जनआंदोलन है। नियमित पठन से भाषा दक्षता, आत्मविश्वास और सीखने की गुणवत्ता में निरंतर वृद्धि होती है।
शिक्षक खीमाराम सुथार ने कहा कि “जो बच्चा आज पुस्तक से मित्रता करेगा, वही कल समाज का आदर्श नागरिक और जिम्मेदार नेतृत्वकर्ता बनेगा।” शिक्षक मदन कुमार पुरोहित ने कहा कि “पुस्तकें केवल ज्ञान नहीं देतीं, बल्कि संस्कार, संवेदनशीलता और जीवन जीने की दिशा भी देती हैं।”
विद्यार्थी नीरज चौधरी ने कहा, “आज सामूहिक पठन से हमें नियमित अध्ययन की नई प्रेरणा मिली है।”
शारदा कंवर ने कहा, “मैं प्रतिदिन पुस्तक पढ़कर अपने सपनों को साकार करने का प्रयास करूँगी और अन्य बालिकाओं को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करूँगी।”
प्रियंका ने कहा, “शिक्षा ही आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन का सबसे मजबूत आधार है।”
प्रवीण कुमार ने कहा, “हर दिन पढ़ेंगे, हर दिन सीखेंगे और अपने विद्यालय का नाम रोशन करेंगे।”
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने “हर दिन पढ़ेंगे – हर दिन बढ़ेंगे, हर बालक शिक्षित – हर बालिका सशक्त” का सामूहिक संकल्प लिया।
यह आयोजन विद्यालय में पठन संस्कृति, शैक्षिक नवाचार, बाल कल्याण, बालिका शिक्षा, नारी सशक्तिकरण और सामाजिक
उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल के रूप में संपन्न हुआ।
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