अंतर्राष्ट्रीय हास्य दिवस पर जयपुर के हंसोड़े खूब लोटपोट हुए और जीते हजारों के पुरस्कार,योगापीस संस्थान ने किया आयोजन
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जयपुर-विश्व हास्य दिवस के उपलक्ष में योगापीस अंतरराष्ट्रीय हास्य महोत्सव 5th हर्षोल्लास के साथ गांधी वाटिका, सेंट्रल पार्क में संपन्न हुआ। महोत्सव का उद्घाटन महर्षि पतंजलि की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर मुख्य अतिथि ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा, विशिष्ट अतिथि राजस्थान सरकार पुरातत्व विभाग के अधीक्षक नीरज कुमार त्रिपाठी, आयोजक संस्था योगापीस संस्थान के संस्थापक योगाचार्य ढाकाराम, संरक्षक अशोक कुमार कोठारी, डॉ राजेन्द्र सिंह राष्ट्रीय संगठन मंत्री योगाचार्य मनीष सूर्यवंशी एवं जयपुर योगा लीग के सचिव डॉ अभिनव जोशी और हरि सिंह सोलंकी द्वारा किया गया।इस अवसर पर योगापीस संस्थान के संस्थापक योगाचार्य ढाकाराम ने कहा कि आज के इस व्यस्तता भरे माहौल में हमारे चेहरे से हंसी गायब होती जा रही है। आज हम तनाव, अवसाद, व्यर्थ चिंता, निरर्थक सोच से ग्रस्त हैं, लेकिन हम हंसी के बल पर इनसे निजात पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि तीन इंची मुस्कान उत्तम स्वास्थ्य की पहचान है। उदासी के बादलों को हंसी से छांटा जा सकता है।योगापीस संस्थान के राष्ट्रीय संगठन मंत्री मनीष सूर्यवंशी ने बताया कि इस अवसर पर आकर्षण का केंद्र बनी हास्य प्रतियोगिता में अनेक टीमों में सम्मिलित जयपुर के हथौड़ों ने गुलाबी नगरी के नागरिकों को खूब हंसा हंसा कर लोटपोट किया, प्रतियोगिता में प्रथम विजेता टीम हंसी के धुरंधर रही जिसे 21 हजार, द्वितीय विजेता टीम लाफिंग वायरस को 11000 एवं तृतीय विजेता हसी के रसगुल्ले टीम पूनम फाउंडेशन को 5100 रूपये के नगद पुरस्कार दिए गए।
पुरस्कारों की घोषणा जजमेंट कमेटी में सम्मिलित शिवोहम योगशानम दिल्ली की संस्थापक अर्चना त्यागी मोरारजी देसाई योग संस्थान के योगा थैरेपिस्ट योगाचार्य सदस्य ललित मैदान एवं योगाचार्य सुरेंद्र शर्मा एवं आचार्य अरूण जोशी ने किया। विजेताओं को पुरस्कार पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल सौम्या गुर्जर एवं क्रीड़ा भारती के प्रदेश संयोजक मेघ सिंह चौहान, भारती अटल सेवा के अध्यक्ष विष्णु सिंह जादौन ने दिए।
महोत्सव का मुस्कुराता हुआ संचालन योगी अरविंद सेजवान बॉक्स एफएम से आर जे रविन्द्र एवं योगी आशीष कोठारी ने किया।मौसम खुशनुमा था, लोग अपनी हंसी की बानगी प्रस्तुत करने को उत्साह से गांधी वाटिका की ओर कूच कर रहे थे।
कई हंसोड़ विचित्र वेशभूषा में आए। कई टोलियां गाने की धुन पर नाचती गाती आ रही थीं। लोग एक दूसरे को नमस्कार भी हंसी के आलम में कर रहे थे। सच में, माहौल को देखते ही बनता था। बच्चों व महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
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