केदारिया में धर्म, संस्कृति और श्रद्धा का भव्य संगम मेवाड़ की धार्मिक परंपराएं भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर – डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़
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भीण्डर, उदयपुर-मेवाड के भीण्डर तहसील स्थित सुप्रसिद्ध ग्राम केदारिया में श्री केदारेश्वर महादेव एवं श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में आयोजित कलश प्रतिष्ठा, सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं नव कुण्डात्मक श्री रुद्र महायज्ञ के पावन अवसर पर मेवाड़ के 77वें श्री एकलिंग दीवान श्रीजी हुजूर डॉ. लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़ ने श्रद्धालु के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करवा प्रभु श्री केदारेश्वर महादेव, श्री लक्ष्मीनारायण जी एवं उपस्थित संत-महंतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।महोत्सव में मेवाड़ सहित विभिन्न क्षेत्रों से पधारे संत-महंतों एवं धर्माचार्यों ने श्रद्धालुओं को सनातन धर्म की महत्ता, भारतीय संस्कृति के आदर्शों तथा धर्म रक्षा के पावन संदेश प्रदान किए। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की अपार आस्था एवं भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।अपने उद्बोधन में डॉ. लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़ ने कहा कि मेवाड़ की धरती का प्रत्येक गांव और ढाणी सदैव आध्यात्म, संस्कृति और शक्ति के केंद्र रहे हैं। यहां आयोजित होने वाले धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन हमारी सनातन परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने वाले प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने धार्मिक आयोजनों में युवाओं की बढ़ती भागीदारी को सांस्कृतिक जागरूकता एवं भारतीय संस्कारों के प्रति बढ़ते लगाव का प्रतीक बताया।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और ग्रामवासियों की सहभागिता ही ऐसे आयोजनों की सफलता का मूल आधार होती है। अंत में उन्होंने समस्त ग्रामवासियों एवं आयोजन समिति को शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्री केदारेश्वर महादेव एवं प्रभु श्री लक्ष्मीनारायण से क्षेत्र में सुख, समृद्धि, शांति एवं निरंतर प्रगति की मंगलकामना की।यह भव्य धार्मिक आयोजन श्री साँवलिया धाम मुंगाणा के संस्थापक महंत पूज्य श्री चेतनदास जी महाराज के आशीर्वाद तथा मेवाड़ महामण्डलेश्वर पूज्य श्री अनुजदास जी महाराज के पावन सानिध्य में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हो रहा है।
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