स्काउट-गाइड का वार्षिक अधिवेशन उत्साहपूर्वक सम्पन्न, राष्ट्र निर्माण में स्काउटिंग की भूमिका को बताया सर्वोपरि
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भीनमाल, राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ, भीनमाल का वार्षिक अधिवेशन एवं स्काउटर-गाइडर अभिनन्दन समारोह सैन समाज मंदिर परिसर, दासपा रोड, भीनमाल में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सरकारी एवं निजी विद्यालयों के संस्था प्रधानों, स्काउटर-गाइडरों, शिक्षकों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ भारत माता एवं स्काउट-गाइड ध्वज के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा प्रार्थना से हुआ। उपस्थित अतिथियों का स्थानीय संघ के सचिव डॉ. घनश्याम कुमार व्यास ने स्वागत करते हुए कहा कि स्काउटिंग केवल एक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा, नेतृत्व, राष्ट्रभक्ति एवं चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि स्थानीय संघ आगामी सत्र में अधिकाधिक विद्यालयों को स्काउट-गाइड गतिविधियों से जोड़ते हुए विद्यार्थियों में सेवा, संस्कार और नेतृत्व क्षमता का विकास करेगा।
मुख्य मार्गदर्शक सवाई सिंह राठौड़, सीओ (स्काउट), जालोर ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “स्काउट वह दीपक है जो स्वयं जलकर समाज को प्रकाश देता है। सेवा, समर्पण और अनुशासन ही स्काउटिंग की वास्तविक पहचान है।” उन्होंने सभी शिक्षकों से प्रत्येक विद्यालय में स्काउट-गाइड इकाइयों को सक्रिय बनाने, अधिकाधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण से जोड़ने तथा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण शिविरों में सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।अध्यक्षता करते हुए शांतिलाल जीनगर ने कहा कि आज के बदलते सामाजिक परिवेश में स्काउट-गाइड जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों से समाजोपयोगी कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया।
डॉ. घनश्याम कुमार व्यास ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए स्थानीय संघ की वर्षभर की उपलब्धियों, प्रशिक्षण शिविरों, सेवा कार्यों, सदस्यता विस्तार तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संघ का उद्देश्य प्रत्येक विद्यालय तक स्काउटिंग की गतिविधियों का विस्तार करना तथा विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, अनुशासित और संवेदनशील नागरिक बनाना है।
शिक्षक नेमलाल ने कहा कि स्काउटिंग विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास करती है। विद्यालयों में नियमित स्काउट गतिविधियों से बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है।दिनेश कुमार जालोरी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्काउट-गाइड आंदोलन सेवा, सहयोग और संस्कारों की ऐसी पाठशाला है जो विद्यार्थियों को जीवन की प्रत्येक चुनौती का सामना करने योग्य बनाती है।दिनेश दवे ने कहा कि समाज और शिक्षा के बीच मजबूत सेतु का कार्य स्काउटिंग करती है।
विद्यार्थियों को केवल पुस्तक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक जीवन के मूल्य भी स्काउटिंग से प्राप्त होते हैं।महेंद्र शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि अनुशासन, समयपालन और सेवा भाव ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। स्काउट-गाइड इन गुणों को जीवन का हिस्सा बनाकर युवाओं को आदर्श नागरिक बनने की प्रेरणा देता है।राजेंद्र कुमार ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक का दायित्व है कि वह विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता एवं मानव सेवा की भावना विकसित करे। स्काउट-गाइड आंदोलन इस दिशा में अत्यंत प्रभावी भूमिका निभा रहा है।बैठक में संगठन की मजबूती, सदस्यता विस्तार, कोटा मनी, स्टिकर राशि, प्रशिक्षण कार्यक्रम, आगामी सत्र की कार्ययोजना, विभिन्न शिविरों में सहभागिता तथा विद्यालयों में स्काउट-गाइड गतिविधियों को और प्रभावी बनाने सहित अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा कर सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया।कार्यक्रम में सभी शिक्षकों एवं स्काउटर-गाइडरों ने संकल्प लिया कि वे सेवा, संस्कार, अनुशासन एवं राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ अधिकाधिक विद्यार्थियों को स्काउट-गाइड आंदोलन से जोड़ेंगे तथा समाजहित के प्रत्येक कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाएंगे।अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए डॉ. घनश्याम कुमार व्यास ने कहा कि “जब शिक्षक सेवा का संकल्प लेते हैं तो समाज बदलता है, और जब स्काउट सेवा का संकल्प लेता है तो राष्ट्र सशक्त बनता है।” उन्होंने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।यह वार्षिक अधिवेशन उत्साह, प्रेरणा, संगठनात्मक एकता तथा राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
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