केंद्रीय मंत्री ने ऐसी साझेदारियों का स्वागत किया जो भारतीय प्रतिभा को सशक्त बनाती हैं, देश की विविधता का उत्सव मनाती हैं और उसकी सभ्यतागत विरासत को असल रूप में दुनिया के सामने लाती हैं। उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि संस्कृति केवल भारत की विरासत नहीं है, बल्कि इसकी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकतों में से एक है और हर ऐतिहासिक महत्व का स्थान, त्योहार, भाषा और लोक-परंपरा में ऐसी कहानियां छिपी हैं जो दुनिया भर के लोगों तक पहुंचने लायक हैं।
कार्यक्रम में नेटफ्लिक्स के सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री टेड सारंडोस ने कहा कि एक भारत नहीं बल्कि कई भारत हैं, जिनमें से प्रत्येक की अपनी अनूठी कहानियां और परंपराएं हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़ी कहानियों ने दुनिया भर के दर्शकों को प्रभावित किया है और लोगों को भारत की जगहों और संस्कृतियों का खुद अनुभव करने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने भारत की कहानियों और स्थ्लों को वैश्विक दर्शकों तक ले जाने के लिए संस्कृति मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय के साथ अपनी साझेदारी जारी रखने के लिए नेटफ्लिक्स की प्रतिबद्धता जताई।
केंद्रीय मंत्री और श्री सारंडोस ने देश की रचनात्मक अर्थव्यवस्था (क्रिएटिव इकॉनमी) को मजबूत करते हुए और भारत के वैश्विक सांस्कृतिक पहचान को बढ़ाते हुए भारत की विविध संस्कृतियों, परिवेश और परंपराओं पर आधारित सच्ची कहानियों को बढ़ावा देने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
पिछले एक दशक में नेटफ्लिक्स ने भारत के अलग-अलग तरह के कल्चर, परंपराओं, परिवेश और समाज से प्रेरित कहानियों को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने के लिए भारत भर के क्रिएटर्स (रचनाकारों) के साथ मिलकर काम किया है। यह पहल भारत सरकार के उस विन के अनुरूप है जिसमें कहानी कहने की कला को भारत की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने, उसे बढ़ावा देने और उसका उत्सव मनाने के एक सशक्त माध्यम के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही इससे सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलता है और क्रिएटिव इकॉनमी को भी समर्थन मिलता है।