श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया
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जालौर-श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया समाजसेवी भीखाराम प्रजापत ने बताया
कि श्री कृष्णा जन्माष्टमी महोत्सव के बारे में बताया कि द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण के जन्म और उनके द्वारा अधर्म का नाश करने की ऐतिहासिक व धार्मिक परंपरा से जुड़ा है धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आधी रात को मथुरा की कारागार (जेेल) में हुआ था।
माता-पिता: वे देवकी और वसुदेव की आठवीं संतान थे।मथुरा के राजा कंस को भविष्यवाणी से पता चला था कि देवकी का आठवां पुत्र उसका वध करेगा, इसलिए उसने देवकी और वसुदेव को कारागार में डाल दिया था ,जन्म के समय चमत्कारी रूप से पहरेदार सो गए और कारागार के ताले खुल गए। तब वसुदेव ने नवजात कृष् को यमुना नदी पार कराकर गोकुल में नंद बाबा और यशोदा को सौंप दिया धर्म की सत्य पर विजय और बुराई के अंत का प्रतीक है।इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और रात बारह बजे श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर पूजन करके महिलाओं ने नाच गान कानुड़ा गीत ,गोपियों के श्याम ,हारे का श्याम हमारा , हैप्पी बर्थडे कृष्णा के गीतों पर गरबा और रास नृत्य किया इस अवसर पर श्री समरथाराम , मोडाराम,
मगाराम, भरत, दुष्यंत कुमार , नरेन्द्र,कैलाश,नेहा ,कमला , पोनी , रेणुका परिहार सहित मोहल्ले वासी सहित कृष्ण प्रेमी भक्त उपस्थित थे।
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