मुख्य सचिव ने भरतपुर दौरे के दौरान साइबर थाने का किया निरीक्षण
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भरतपुर-मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास रविवार को दो दिवसीय दौरे पर भरतपुर पहुंचे। भरतपुर सर्किट हाउस पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर आईजी डॉ. प्रीति चंद्रा, जिला कलक्टर कमर चौधरी, जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना ने अगवानी की।
साइबर अपराधों की रोकथाम एवं त्वरित निस्तारण के लिए तकनीकी क्षमता बढ़ाएं—
मुख्य सचिव ने साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं पीड़ितों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय स्थित साइबर थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए तकनीकी क्षमता, त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप को देखते हुए पुलिस तंत्र को आधुनिक तकनीक एवं नवाचारों के माध्यम से लगातार सुदृढ़ किया जाना चाहिए।
उन्होंने साइबर क्राइम सेल की संरचना, उपलब्ध तकनीकी संसाधनों, हेल्पलाइन 1930 के संचालन तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी ली। श्री श्रीनिवास ने अधिकारियों को साइबर अपराध नियंत्रण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने संभागीय जिलों में लंबित साइबर प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए आईजी डॉ. प्रीति चंद्रा को निर्देश दिए कि साइबर अपराधों के सफल निस्तारण से संबंधित सफलता की कहानियां समाचार पत्रों एवं मीडिया को उपलब्ध कराने के साथ ही पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा की जाएं, ताकि आमजन में साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
दर्ज प्रकरणों की ली जानकारी—
मुख्य सचिव ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज प्रकरणों की जानकारी लेते हुए सभी प्रकरणों में ऑनलाइन रिपोर्टिंग के साथ आवश्यक ऑफलाइन दस्तावेजों का भी सुव्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए कार्मिकों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने तथा उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने पर जोर दिया। उन्होंने साइबर अपराध की शिकायत दर्ज होने से लेकर एफआईआर एवं जांच की प्रक्रिया तक प्रत्येक स्तर की जानकारी ली। अधिकारियों द्वारा साइबर अपराध की शिकायत प्राप्त होने से लेकर उसके पंजीकरण, प्रारंभिक जांच, डिजिटल साक्ष्य के संकलन एवं विश्लेषण, बैंकिंग ट्रांजेक्जन की जांच, संदिग्ध बैंक खातों पर आवश्यक कार्रवाई, धनराशि के ट्रेल का अनुसरण तथा पीड़ितों को सहत प्रदान करने हेतु की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी।

बैंकिंग संस्थाओं से बेहतर समन्वय के निर्देश—
मुख्य सचिव ने साइबर अपराध की सूचना प्राप्त होने तथा संबंधित बैंक खातों को ब्लॉक किए जाने में लगने वाले समय का विश्लेषण करने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ितों को यथाशीघ्र राहत उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने साइबर अपराधों की रोकथाम एवं प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए बैंकों सहित संबंधित एजेंसियों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शिकायत प्राप्त होने से लेकर राशि को सुरक्षित कराने, एफआईआर दर्ज करने और जांच पूरी करने तक प्रत्येक स्तर पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इससे साइबर अपराध नियंत्रण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
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