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डॉ. वीरेन्‍द्र कुमार ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले प्रभागों, ब्यूरो और संस्थानों के कामकाज की समीक्षा की

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नई दिल्ली-केन्‍द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्‍द्र कुमार ने  शाम यहां राष्ट्रीय राजधानी में भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न प्रभागों, ब्यूरो, निगमों और संस्थानों के कामकाज की व्यापक समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।बैठक में केन्‍द्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन को मजबूत करने, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केन्‍द्रित किया गया कि कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों, विशेष रूप से अंतिम छोर पर स्थित लाभार्थियों तक पहुंचे।बैठक में मंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, संयुक्त सचिवों तथा मंत्रालय के विभिन्न प्रभागों और ब्यूरो का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।समीक्षा बैठक में समन्वित क्रियान्वयन, प्रभावी जनसंपर्क और सुदृढ़ वितरण तंत्र पर मंत्रालय के विशेष ध्यान को दोहराया गया, ताकि सामाजिक न्याय और अधिकारिता से संबंधित कार्यक्रमों का लाभ देशभर के पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जा सके।

अधिकारियों को संबोधित करते हुए डॉ. कुमार ने मंत्रालय की योजनाओं और कार्यक्रमों की योजना बनाने, क्रियान्वयन, निगरानी और संचार के लिए व्यापक 360-डिग्री दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि प्रत्येक पहल की रूपरेखा तैयार करने और उसे लागू करने में संभावित लाभार्थियों की आवश्यकताओं, सेवाओं की प्रभावी आपूर्ति तथा जमीनी स्तर पर मापनीय परिणामों पर स्पष्ट रूप से ध्यान केन्‍द्रित किया जाए।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” की कल्‍पना का स्मरण करते हुए मंत्री ने सामाजिक सशक्तीकरण के लिए संपूर्ण सरकारी तंत्र और संपूर्ण समाज के दृष्टिकोण को अपनाने के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे कल्याणकारी योजनाओं के सुचारु, निर्बाध और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों के समाज कल्याण विभागों के साथ-साथ अन्य संबंधित हितधारकों के साथ समन्वय को मजबूत करें।

डॉ. कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी हितधारकों की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं, कार्यक्रमों, पहलों और कार्ययोजनाओं के निर्माण एवं कार्यान्वयन में पूरी लगन, सावधानी और सक्रियता के साथ कार्य करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कार्यान्वयन संबंधी कमियों को दूर करने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए कि सरकारी हस्तक्षेपों के अपेक्षित लाभ देशभर में पात्र व्यक्तियों और समुदायों तक पहुंचें, प्रभावी समन्वय, नियमित निगरानी और समय पर सुधारात्मक उपाय अत्यंत आवश्यक हैं।

मंत्री ने मंत्रालय की योजनाओं और कार्यक्रमों के उद्देश्यों, पात्रता मानदंडों, लाभों तथा आवेदन प्रक्रियाओं की जानकारी व्यवस्थित रूप से प्रसारित करके उनके बारे में जन-जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों का आह्वान किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि संभावित लाभार्थियों को स्पष्ट, सुलभ और समय पर जानकारी प्राप्त हो, ताकि पात्र व्यक्ति उनका लाभ उठा सकें, जिनके वे हकदार हैं।

प्रचार-प्रसार, पहुंच और लाभार्थियों में जागरूकता पर जोर

डॉ. कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं और पहलों की प्रगति, उपलब्धियों तथा प्रभाव को व्यापक स्तर पर प्रचारित करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रभावी संचार कार्यान्वयन संबंधी प्रयासों का पूरक होना चाहिए, ताकि सरकारी सहायता से संबंधित जानकारी देशभर में लक्षित लाभार्थी समूहों तक पहुंच सके।

मंत्री ने विशेष रूप से नशे की मांग में कमी लाने के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना (एनएपीडीडीआर) और नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए); प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-जेएवाई); मशीनीकृत स्वच्छता इकोसिस्‍टम के लिए राष्ट्रीय कार्रवाई (नमस्‍ते); अटल वयो अभ्युदय योजना (एवीवाईएवाई); तथा अनुसूचित जातियों (एससी), अन्य पिछड़ा वर्गों (ओबीसी), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों (ईबीसी) और विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू जनजातियों (डीएनटी) के लिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत हुई प्रगति और उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता की समीक्षा की।

उन्होंने नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून, 1989 के प्रवर्तन तंत्र को सुदृढ़ करने के उपायों के बारे में जानकारी प्रसारित करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने स्माइल पहल के व्यापक प्रचार-प्रसार का भी आह्वान किया, जिसमें भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों के समग्र पुनर्वास और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण से संबंधित घटक शामिल हैं। इसके साथ ही, अन्य पिछड़ा वर्ग के लड़कों और लड़कियों के लिए छात्रावासों के निर्माण संबंधी योजनाओं के बारे में भी व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलाने पर जोर दिया।

मंत्री ने कहा कि योजनाओं से संबंधित जानकारी, उनके कार्यान्वयन की प्रगति और सफलता की कहानियों का व्यवस्थित रूप से प्रचार-प्रसार करने से जन-जागरूकता बढ़ाने, पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने तथा मंत्रालय के कल्याणकारी प्रयासों के बारे में जनमानस की समझ को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संचार संबंधी प्रयासों को कार्यान्वयन की प्राथमिकताओं के अनुरूप होना चाहिए और लक्षित लाभार्थी वर्गों तक पहुंचने पर केंद्रित होना चाहिए। इनमें वे वर्ग भी शामिल हैं, जिनकी सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी तक पर्याप्त पहुंच नहीं है।

पारदर्शिता, प्रभावी कार्यान्वयन और अंतिम छोर तक लाभ पहुंचाने पर जोर

पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता के महत्व को दोहराते हुए, डॉ. कुमार ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे मंत्रालय की योजनाओं और पहलों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करें तथा संबंधित योजना के लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी पात्र संभावित लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं के दायरे में लाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने अधिकारियों को मंत्रालय के कामकाज में सुधार लाने, संस्थागत समन्वय को सुदृढ़ करने तथा इसके कार्यक्रमों की समग्र प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए रचनात्मक सुझाव, नवोन्मेषी विचार और व्यावहारिक प्रतिक्रिया साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया। मंत्री ने अधिकारियों से प्राप्त विचारों और सुझावों की सराहना की तथा मंत्रालय के उद्देश्यों की प्राप्ति में संवेदनशील और सहयोगात्मक प्रशासनिक दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया।

इससे पहले उन्‍होंने मंत्रालय के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण भी किया और अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बातचीत की। उन्होंने उनके समर्पण और कड़ी मेहनत की सराहना की तथा कल्याणकारी सेवाओं की आपूर्ति में सुधार लाने और मंत्रालय के कार्यक्रमों एवं पहलों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए उनसे निरंतर प्रतिबद्धता बनाए रखने का आग्रह किया।

 

 

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