एबीआरएसएम महामंत्री रिछपालसिंह ने शिक्षकों को दिया वैचारिक मार्गदर्शन
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भीनमाल ( माणकमल भंडारी )शिक्षा में राष्ट्रीयता के समावेश और शिक्षकों के हितों के प्रति सदैव मुखर रहने वाले संगठन ‘अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ’ के महामंत्री प्रो. रिछपाल सिंह ने जी. के. गोवाणी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का प्रवास किया।मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि महाविद्यालय परिसर आगमन पर प्रो. सिंह का अकादमिक परंपराओं के अनुरूप अत्यंत आत्मीय एवं गरिमामय स्वागत किया गया। इस प्रवास के दौरान उन्होंने महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ के साथ एक गहन एवं विचारोत्तेजक संवाद स्थापित किया। उन्होंने सारगर्भित उद्बोधन में महासंघ के मूल मंत्र “राष्ट्र के हित में शिक्षा, शिक्षा के हित में शिक्षक, शिक्षक के हित में समाज” को रेखांकित किया। उन्होंने उपस्थित प्राध्यापकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि वर्तमान परिदृश्य में शिक्षकों की भूमिका केवल कक्षा-कक्ष के अध्यापन तक सीमित नहीं है, अपितु वे राष्ट्र के सांस्कृतिक और बौद्धिक पुनर्जागरण के प्रमुख ध्वजवाहक हैं। उन्होंने शिक्षा प्रणाली में भारतीय मूल्यों की पुनर्स्थापना और उच्च शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। महाविद्यालय परिवार के लिए उनका यह सानिध्य अत्यंत ऊर्जावान रहा, जिसने सभी कर्मचारियों और शिक्षकों में संगठनात्मक एकता, वैचारिक स्पष्टता और अपने अकादमिक दायित्वों के प्रति नई चेतना का संचार किया है।
इस अवसर पर महाविद्यालय असिस्टेंट प्रोफेसर नरेश मेहला, भलाराम, विक्रमकुमार, लैब असिस्टेंट अशोककुमार, ईश्वरसिंह, सहायक प्रशासनिक अधिकारी श्रीराम सहित कर्मचारी उपस्थित रहे।
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