प्रज्ञा कौशल प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह आयोजित,72 महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया सशक्त कदम
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भीनमाल-(माणकमल भंडारी)राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड स्थानीय संघ एवं विप्र फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो माह के निःशुल्क प्रज्ञा कौशल प्रशिक्षण (सिलाई) शिविर का समापन समारोह सैन महाराज मन्दिर परिसर में आयोजित किया गया ।कार्यक्रम प्रेरक दिनेशकुमार दवे नवीन की सक्रियता से आयोजित समारोह में महिलाओं के हुनर,आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को नई दिशा देने के प्रयासों को सराहा गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी जालोर मनोहरलाल गोदारा ने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब वह व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाए। आज के समय में कौशल विकास सबसे बड़ी आवश्यकता है और ऐसे प्रशिक्षण शिविर विकसित भारत के निर्माण की मजबूत नींव हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), जालोर के प्राचार्य शांतिलाल दवे ने कहा कि यह शिविर केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन परिवर्तन का अभियान है। इससे महिलाओं को रोजगार के साथ आत्मविश्वास और सम्मानपूर्वक जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय सरोकार प्रकल्प के समन्वयक जितेंद्र गौड़ ने कहा कि राष्ट्रीय प्रकल्प समाज की वास्तविक सेवा वही है, जो किसी परिवार को आत्मनिर्भर बना दे। विप्र फाउंडेशन ऐसे सेवा कार्यों में सदैव अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। स्वागताध्यक्ष एवं विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दिनेशकुमार दवे ने कहा कि यह शिविर हजारों महिलाओं के सपनों को नई दिशा देने का माध्यम बना है। कौशल, साक्षरता और जागरूकता का यह संगम समाज में स्थायी परिवर्तन की मजबूत आधारशिला है। सचिव स्थानीय संघ डॉ. घनश्याम व्यास ने कहा कि उद्देश्य केवल सिलाई सिखाना नहीं, बल्कि प्रत्येक महिला को सम्मानजनक आजीविका, आत्मविश्वास और स्वाभिमान से जोड़ना है। जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित राष्ट्र का निर्माण होगा।
व्यास ने बताया कि संस्था ने पिछले 12 वर्षों में 1910 से अधिक महिलाओं एवं युवतियों को निःशुल्क रोजगारमुखी प्रशिक्षण प्रदान किया है। वहीं 150 से अधिक सिलाई मशीनों का वितरण कर महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने आगामी चरण में 100 और जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीनें उपलब्ध कराने का संकल्प भी दोहराया गया। प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार किए गए आकर्षक परिधान, स्कूल यूनिफॉर्म, बैग एवं अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी समारोह का मुख्य आकर्षण रही। आगंतुकों ने उत्साहपूर्वक खरीदारी करते हुए 4,800 रुपए के उत्पाद खरीदे। यह प्रशिक्षणार्थी महिलाओं की पहली व्यवसायिक आय थी, जिससे उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई मिली। दो माह तक चले शिविर में 72 महिलाओं एवं युवतियों को सिलाई, कटिंग, फैशन डिजाइनिंग और उद्यमिता विकास के साथ साक्षरता, विधिक साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल बैंकिंग एवं स्वरोजगार का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि शिविर ने उन्हें केवल हुनर ही नहीं सिखाया, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर जीवन की नई दिशा भी दी।कार्यक्रम का संचालन डॉ घनश्याम व्यास ने किया।समारोह में सीओ स्काउट जालोर सवाईसिंह राठौड़, विप्र फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष नैनसिंह राजपुरोहित, जोधपुर डिस्काॅम के अधिषाशी अभियन्ता भरत देवड़ा, नागरिक कल्याण मंच के अध्यक्ष माणकमल भंडारी, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी चंदनसिंह, भोमाराम सैन, कांतिलाल सैन, प्रेमाराम बंजारा, डॉ. महेश बालेचा, नैनाराम चौहान, डॉ. सैयद यासीन अशरफ, जबराराम भाटी, राजेश वैष्णव, महेन्द्र शर्मा, सीता शर्मा, गोमती, रामदास वैष्णव, वासुदेव अवस्थी, नरोत्तमलाल त्रिवेदी, शान्तिलाल जीनगर,
नरेंद्र मिश्रा एवं जबरसिंह राजपुरोहित सहित अनेक शिक्षाविदों, गण मान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। मायड़ भाषा के सुप्रसिद्ध कवि वरदाराम सुथार ने अपनी ओजस्वी हिंदी एवं राजस्थानी कविताओं के माध्यम से सभागार में सेवा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा का संचार किया।
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