रेल मंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में पुनर्विकास कार्य जारी हैं और 1,300 से अधिक स्टेशनों को विकास के लिए लिया गया है। पश्चिम बंगाल के कई स्टेशनों, जिनमें सांतरागाछी, जलपाईगुड़ी रोड, जयचंडी पहाड़, हल्दिया और कामाख्यागुड़ी शामिल हैं, का भी पुनर्विकास किया जा रहा है।
श्री वैष्णव ने कहा कि रेलवे का विकास मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है, जिनके लिए रेलवे किफायती परिवहन का एक प्रमुख साधन है। उन्होंने जोर दिया कि स्टेशन पुनर्विकास और बेहतर कनेक्टिविटी से सभी आय वर्गों के यात्रियों को लाभ होगा।
श्री वैष्णव ने कहा कि हावड़ा, खड़गपुर, चाकुलिया और टाटानगर को जोड़ने वाली रेल लाइन पर चार-लाइन विस्तार का कार्य किया जा रहा है। रेल मंत्री ने यह भी बताया कि कोलकाता मेट्रो के बेलघाटा-आईटी सेंटर से जुड़ा 4.5 किलोमीटर लंबा सेक्शन पूरा हो चुका है और इस पर ट्रायल रन शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह सेक्शन ग्रीन लाइन से कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
पश्चिम बंगाल के माननीय मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान राज्य में चलाई जा रही रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं के लिए रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्री अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के लिए रेलवे बजट आवंटन में हुई वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2009-2014 के दौरान वार्षिक औसत आवंटन ₹4,380 करोड़ था, जो वर्ष 2026-27 के लिए बढ़कर ₹14,205 करोड़ हो गया है। उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ निवेश राज्य में रेलवे अवसंरचना के विकास और कनेक्टिविटी में सुधार में सहायक होगा।