नमस्कार हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 97826 56423 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , भारत-कज़ाख़िस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास “काजिंद – 2022” उमरोई (मेघालय) में आयोजित होगा। – Raj News Live

Raj News Live

Latest Online Breaking News

भारत-कज़ाख़िस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास “काजिंद – 2022” उमरोई (मेघालय) में आयोजित होगा।

😊 Please Share This News 😊
भारत-कज़ाख़िस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास “काजिंद – 2022” उमरोई (मेघालय) में आयोजित होगा

भारत-कज़ाख़िस्तान संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास का छठा संस्करण “काजिंद-22” 15 से 28 दिसंबर, 2022 तक उमरोई (मेघालय) में आयोजित किया जाना निर्धारित है। कज़ाख़िस्तान की सेना के साथ संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण अभ्यास 2016 में अभ्यास प्रबल दोस्तीक के रूप में शुरू किया गया था, जिसे बाद में कंपनी स्तर के अभ्यास में अपग्रेड किया गया था और वर्ष 2018में इसका नाम परिवर्तित कर अभ्यास काजिंद कर दिया गया।

कज़ाख़िस्तान सेना के सैनिक, जिसमें दक्षिणी क्षेत्रीय कमान के सैनिक शामिल हैं, उनके साथ में भारतीय सेना के 11 गोरखा राइफल्स के सैनिक इस अभ्यास सत्र में भाग लेंगे। सैन्य अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र शांति प्रवर्तन शासनादेश के तहत सकारात्मक सैन्य संबंध आगे बढ़ाना, एक-दूसरे की सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को साझा करना और अर्ध शहरी/जंगली परिदृश्य में काउंटर टेररिस्ट ऑपरेशन पर कार्य करते हुए एक साथ सैन्य गतिविधियों को आयोजित करने की क्षमता को बढ़ावा देना है। यह संयुक्त अभ्यास दोनों सेनाओं को संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों में आने वाले संभावित खतरों को बेअसर करने के लिए संयुक्त सामरिक अभ्यासों की एक श्रृंखला के तहत प्रशिक्षित करने,योजना बनाने और निष्पादित करने में सक्षम बनाएगा।

इस अभ्यास के अंतर्गत बटालियन स्तर पर एक कमांड पोस्ट अभ्यास (सीपीएक्स) और उप-पारंपरिक संचालन पर कंपनी स्तर के फील्ड प्रशिक्षण अभ्यास (एफटीएक्स) शामिल हैं। प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान, दोनों सेनाओं के सैनिक संयुक्त योजना, संयुक्त सामरिक अभ्यास, विशेष हथियार कौशल, एचएडीआर और शत्रुतापूर्ण लक्ष्य पर हमला करने से लेकर विभिन्न मिशनों में शामिल होंगे।

“काजिंद अभ्यास” भारतीय सेना एवं कज़ाख़िस्तान सेना के बीच रक्षा सहयोग के स्तर को बढ़ाएगा जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ावा देगा।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

[responsive-slider id=1466]
error: Content is protected !!