केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ‘क्षयरोग (टीबी) मुक्त भारत’ के लिए एकीकृत रणनीति का उल्लेख किया।
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जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. राजेश एस. गोखले ने कहा कि आईएनटीजीएस को अत्यधिक सफल भारतीय एसएआरएस–सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) के समान ही तैयार किया गया है ।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (एमटीबी) की जैविक विशेषताओं और संचरण, उपचार और रोग की गंभीरता पर म्यूटेशन के प्रभाव को पूरी तरह से समझने के लिए इस तरह की पहली अखिल भारतीय पहल होगी। उन्होंने कहा कि यह कदम भविष्य में टीबी के निदान और निगरानी के लिए डब्ल्यूजीएस जैसी आधुनिक तकनीक के उपयोग की नींव बन सकता है । उन्होंने उल्लेख किया कि माननीय प्रधानमंत्री ने हाल ही में 24 मार्च 2023 को विश्व टीबी दिवस के अवसर पर वाराणसी में एक विश्व टीबी शिखर सम्मेलन ( वन वर्ल्ड टीबी समिट) को संबोधित किया था, जहां कई पहलें शुरू की गई थीं और विभाग के इस दिशा में प्रयास ‘2025 तक टीबी मुक्त भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं ।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने उल्लेख किया कि समग्र स्वास्थ्य सेवा के प्रावधान के लिए चिकित्सा की विभिन्न प्रणालियों के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण का पालन करने पर सरकार का ध्यान केंद्रित रहा है। उन्होंने कहा कि टीबी के उपचार ( एंटी टीबी थेरेपी–एटीटी) के सहायक के रूप में आयुर्वेद हस्तक्षेप पर उच्च प्रभाव अनुसंधान अध्ययन आयोजित करने के लिए जीवन की गुणवत्ता में सुधार, कैशेक्सिया के प्रबंधन, एटीटी और हेपेटो हेतु सुरक्षा के लिए जैव-संवर्धन के उद्देश्य आयुष मंत्रालय और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के बीच हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन के अंतर्गत योजना बनाई जा रही है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने टिप्पणी की कि सरकार भी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास और नवाचार का जोरदार समर्थन कर रही है । उन्होंने जैव प्रौद्योगिकी विभाग के एक स्वायत्त संस्थान, स्टेम सेल साइंस एंड रीजेनरेटिव मेडिसिन संस्थान ( डीबीटी-इनस्टेम ) में वैज्ञानिकों द्वारा एक अनूठे भारतीय रक्त बैग (ब्लड बैग) प्रौद्योगिकी के विकास की घोषणा की। यह नैनोफाइबर शीट पर आधारित है जो रक्त से हानि पहुंचाने वाले घटकों को पकड़ सकता है ताकि संग्रहीत रक्त की गुणवत्ता और जीवनकाल को बढ़ाया जा सके और एक स्पिन- ऑफ स्टार्टअप कंपनी कैप्चर बायो प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से इस तकनीक का व्यावसायीकरण करने के प्रयास किए जा रहे हैं ।
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