नमस्कार हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 97826 56423 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , भारत में टीबी रोधी दवाओं की कमी है,ऐसी रिपोर्टें झूठी,भ्रामक,अभिप्रेरित हैं और जानबूझकर लोगों को धोखा देने और गुमराह करने के इरादे से प्रस्तुत की गई है। – Raj News Live

Raj News Live

Latest Online Breaking News

भारत में टीबी रोधी दवाओं की कमी है,ऐसी रिपोर्टें झूठी,भ्रामक,अभिप्रेरित हैं और जानबूझकर लोगों को धोखा देने और गुमराह करने के इरादे से प्रस्तुत की गई है।

😊 Please Share This News 😊
कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि भारत में टीबी रोधी दवाओं की कमी है। ऐसी रिपोर्टें झूठी, भ्रामक, अभिप्रेरित हैं और जानबूझकर लोगों को धोखा देने और गुमराह करने के इरादे से प्रस्तुत की गई है।दवा के प्रति संवेदनशील तपेदिक के उपचार में दो महीने के लिए 4एफडीसी (आइसोनियाज़िड, रिफैम्पिसिन, एथमब्यूटोल और पाइराज़िनामाइड) के रूप में उपलब्ध चार दवाएं शामिल हैं, इसके बाद दो महीने के लिए 3 एफडीसी (आइसोनियाज़िड, रिफैम्पिसिन और एथमब्यूटोल) के रूप में उपलब्ध तीन दवाएं शामिल हैं। ये सभी दवाएं छह महीने और उससे अधिक की समयावधि के लिए पर्याप्त स्टॉक के साथ उपलब्ध हैं। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इन दवाओं की खरीद प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है।मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट (एमडीआर) टीबी के उपचार में आमतौर पर चार महीने के लिए 7 दवाएं (बीडाक्विलिन, लेवोफ्लॉक्सासिन, क्लोफाज़िमिन, आइसोनियाज़िड, एथमब्यूटोल, पाइराज़िनामाइड और एथियोनामाइड) शामिल होती हैं और इसके बाद पांच महीने के लिए 4 दवाएं (लेवोफ़्लॉक्सासिन, क्लोफ़ाज़िमाइन, पाइराज़िनामाइड और एथमब्यूटोल) शामिल होती हैं।  दवा प्रतिरोधी टीबी वाले लगभग 30 प्रतिशत व्यक्तियों में साइक्लोसेरिन और लाइनज़ोलिड की आवश्यकता होती है। जो मरीज मल्टीड्रग प्रतिरोधी टीबी दवाएं ले रहे हैं, वे कुल टीबी प्रभावित आबादी का केवल 2.5 प्रतिशत हैं। हालाँकि, जैसाकि रिपोर्ट की गई है, इस समूह के लिए भी कोई कमी नहीं है।राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत केंद्रीय स्तर पर टीबी रोधी दवाओं और अन्य सामग्रियों की खरीद, भंडारण, स्टॉक का रखरखाव और समय पर वितरण किया जा रहा है। दुर्लभ स्थितियों में, राज्यों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत बजट का उपयोग करके सीमित अवधि के लिए स्थानीय स्तर पर कुछ दवाएं खरीदने का अनुरोध किया जाता है ताकि व्यक्तिगत रोगी देखभाल प्रभावित न हो।इस प्रकार, एनटीईपी के तहत मोक्सीफ्लोक्सासिन 400एमजी और पाइरिडोक्सिन का 15 महीने से अधिक का स्टॉक उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, डेलामानिड 50 मिलीग्राम और क्लोफ़ाज़िमाइन 100 मिलीग्राम अगस्त 2023 में खरीदे गए और सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इनकी आपूर्ति की गई। इसके अलावा, अतिरिक्त 8 लाख मात्रा में डेलामानिड 50 मिलीग्राम टैबलेट की आपूर्ति के लिए 23.09.2023 को पी.ओ. जारी किया गया है।ऊपर उल्लिखित स्टॉक के अतिरिक्त, अगस्त 2023 में 3 एफडीसी (पी), लाइनज़ोलिड-600 मिलीग्राम और कैप साइक्लोसेरिन-250 मिलीग्राम की आपूर्ति के लिए खरीद आदेश जारी किए गए थे। 3 एफडीसी (पी) के लिए प्री-डिस्पैच निरीक्षण (पीडीआई), लाइनज़ोलिड-600 मिलीग्राम और कैप साइक्लोसेरिन-250 मिलीग्राम और 3 एफडीसी (पी) और साइक्लोसेरिन की गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट आ गई है। इन दवाओं को राज्यों में भेजा जा रहा है। रिलीज़ ऑर्डर 25.09.2023 से जारी किए जा रहे हैं।नि-क्षय औषधि के अनुसार आज तक राष्ट्रीय स्तर पर लेख में उल्लिखित इन दवाओं का वर्तमान स्टॉक इस प्रकार है:
औषधि का नाम आज (30.09.2023) तक एनटीईपी (यूओएम- कैप्स/टैब्स) के तहत राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध स्टॉक की मात्रा टिप्पणियां
साइक्लोसेरिन -250 मि.ग्रा 2,73,598
  • पाइपलाइन में स्टॉक – 1,49,02,850
  • गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट आ गई है
  • रिहाई आदेश जारी किये जा रहे हैं
लाइनज़ोलिड – 600 मिलीग्राम 7,69,883
  • पाइपलाइन में स्टॉक – 52,70,870
  • प्री-डिस्पैच निरीक्षण (पीडीआई) 23.09.2023 को आयोजित किया गया था और
  • गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट अक्टूबर 2023 के पहले सप्ताह तक आने की उम्मीद है
डेलामेनिड – 50 मिलीग्राम 10,31,770
  • अतिरिक्त 50 प्रतिशत मात्रा (8.20 लाख टैब) के लिए खरीद आदेश जारी किया गया है, जिसकी डिलीवरी अक्टूबर-2023 तक होने की उम्मीद है

 

क्लोफ़ाज़िमिन – 100 मिलीग्राम 45,26,200
  • खरीद प्रक्रिया पूरी हो गई है और आपूर्ति शुरू हो चुकी है
  • इसके अलावा, 49.72 लाख टैबलेट की खरीद प्रक्रियाधीन है
मोक्सीफ्लोक्सासिन – 400 मिलीग्राम 2,72,17,061
  • पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है

 

पायरीडॉक्सा 2,72,24,272

 

पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है

  • पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है

इन आवश्यक एंटी टीबी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किए गए महत्वपूर्ण प्रयासों के अलावा, केंद्रीय गोदामों से लेकर गौण स्वास्थ्य संस्थानों तक विभिन्न स्तरों पर स्टॉक की स्थिति का आकलन करने के लिए नियमित मूल्यांकन किया जाता है।इसलिए, संबंधित मीडिया रिपोर्टों में उल्लिखित जानकारी न केवल गलत और भ्रामक है, बल्कि देश में टीबी-विरोधी दवाओं के उपलब्ध स्टॉक की सही तस्वीर भी प्रदर्शित नहीं करती है।

 

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

[responsive-slider id=1466]
error: Content is protected !!