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केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने डाक विभाग के अधिकारियों का सम्मेलन- 2024 का उद्घाटन किया।

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नई दिल्ली-डाक विभाग ने आज अपना बहु-प्रतीक्षित अधिकारियों का सम्मेलन- 2024 आयोजित किया। यह एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य भारत के विशाल डाक नेटवर्क का कायाकल्प करना और नवाचार को बढ़ावा देना है। 150 वर्षों से अधिक की विरासत के साथ भारतीय डाक देश में संचार की नींव है और यह सम्मेलन डिजिटल युग में इसकी भूमिका को फिर से परिभाषित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।इस कार्यक्रम का उद्घाटन संचार और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने किया। अपने प्रेरक मुख्य भाषण में मंत्री ने डाक कर्मचारियों की अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने आगे कहा, “भारतीय डाक केवल पत्र और पार्सल पहुंचाने के लिए नहीं है, बल्कि पूरे देश में दिलों को जोड़ने और दूरियों को समाप्त करने के लिए भी है। इसे देखते हुए ही मैं कहता हूं कि ‘बारिश हो या धूप, पहाड़ हो या समुद्र, शहर हो या गांव – भारतीय डाक डिलिवर करता है!’इसके अलावा मंत्री श्री सिंधिया ने कहा, “डाक विभाग के बिना भारत का कोई इतिहास नहीं है। जब कबूतरों के जरिए संदेश भेजे जाने से लेकर साल 1852 में जारी किए गए पहले टिकट या 1911 में पहली हवाई डाक सेवा तक, यही हमारा इतिहास है।”उन्होंने देश के डिजिटल और वित्तीय समावेशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भारतीय डाक की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। साथ ही,भारत के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने में इस संस्थान के समृद्ध इतिहास का सम्मान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अपनाई गई नई डायनमिक कार्यशैली पर जोर दिया, जो सामूहिक कार्रवाई व नेतृत्व के माध्यम से लक्ष्य-निर्धारण, लक्ष्य और परिणाम-संचालित दृष्टिकोण पर केंद्रित है। एक प्रेरक नोट में उन्होंने उन पांच आधारों का उल्लेख किया, जो डाक विभाग का कायाकल्प करेंगे। ये हैं- (i) प्रेरित करने के लिए नेतृत्व करना, (ii) नवाचार का संकल्प लेना, (iii) समावेशी विकास, (iv) सामूहिक कार्रवाई के माध्यम से कायाकल्प करना और (v) जन सेवा के मिशन को लेकर ईमानदार रहना।

अधिकारियों का सम्मेलन- 2024 में भारतीय डाक के भविष्य की रणनीति बनाने के लिए पूरे देश के डाक प्रमुख एक साथ आए हैं। इस कार्यक्रम में भारत के डिजिटल और वित्तीय समावेशन लक्ष्यों के अनुरूप नवाचार, कायाकल्प और सार्वजनिक सेवा वितरण को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। अधिकारियों का सम्मेलन, विभाग के हालिया प्रदर्शन की समीक्षा करने, चुनौतियों की पहचान करने और भविष्य के लिए रणनीति बनाने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। साथ ही, इसके प्रमुख सत्रों में विभाग के विधायी अद्यतन, बजट प्रदर्शन और राजस्व उपलब्धियों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। इसके अलावा डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों के विस्तार, आधार सेवाओं और हाल ही में शुरू किए गए डाक घर निर्यात केंद्रों सहित नागरिक केंद्रित सेवाओं पर आयोजित चर्चा में स्थानीय व्यवसायों को सशक्त बनाने और अधिक वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करने में विभाग की भूमिका को रेखांकित किया गया।श्री सिंधिया ने डाक सेवा के लिए एक नई सोच प्रस्तुत की। साथ ही, अधिकारियों से उद्यमियों की तरह सोचने, नेतृत्वकर्ता के रूप में कार्य करने और आधुनिक संचार की उभरती मांगों के साथ समन्वय बनाए रखने के लिए नवाचार करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, “भविष्य आज शुरू होता है, न कि कल।” उन्होंने भारतीय डाक को केवल डाक वितरण प्रणाली के रूप में नहीं, बल्कि एक वित्तीय महाशक्ति और देश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख कारक के रूप में देखने के लिए सोच में बदलाव का आह्वान किया।इस सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) पर जोर देना था। इसमें यह दिखाया गया कि कैसे विभाग, बुनियादी ढांचे और परिचालन दक्षता को बढ़ाने के लिए इस पहल का लाभ उठा रहा है। इसके सत्रों में डाकघर बचत बैंक (पीओएसबी), इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) के माध्यम से वित्तीय सेवाओं व डाक जीवन बीमा (पीएलआई) और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (आरपीएलआई) जैसी बीमा योजनाओं पर भी चर्चा की गई। इन सेवाओं से डाक विभाग देश के हर हिस्से तक पहुंचने और डिजिटल इंडिया मिशन में योगदान देने में महत्वपूर्ण प्रगति करने में सक्षम हुआ है।मंत्री ने अपने भाषण के अंत में अधिकारियों से “टीमवर्क, दक्षता और लक्ष्य-निर्धारण के मूल्यों को अपनाने” और भारतीय डाक को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, विश्वसनीय और प्रौद्योगिकी-संचालित बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने का अनुरोध किया। उन्होंने डाक सेवा, जन सेवा के मिशन को लेकर ईमानदार रहने के महत्व का उल्लेख किया और देश में सभी संचार व वित्तीय सेवाओं के लिए भारतीय डाक को “पहली पसंद” बनाने का संकल्प लिया।अधिकारियों का सम्मेलन- 2024 ने डाक विभाग के लिए एक परिवर्तनकारी भविष्य की दिशा तय की है, जिसमें नवाचार, दक्षता और सार्वजनिक सेवा उत्कृष्टता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह सम्मेलन विश्व स्तरीय सेवाएं प्रदान करने, विश्वास को बढ़ावा देने और भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भारतीय डाक की प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है।

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