शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला,नए शैक्षणिक सत्र का शुभारम्भ ऋषभदेव पखवाड़े से
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जयपुर-राजस्थान सरकार के मुखिया भजनलाल शर्मा और शिक्षा विभाग के मुखिया मदन दिलावर के दिशा निर्देश पर विद्यालयी शिक्षा विभाग के द्वारा राजस्थान में पहली बार नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारम्भ ऋषभदेव पखवाड़े से शुरू करना सरकार का बड़ा फैसला है। यह ऐतिहासिक निर्णय जो विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति के साथ आध्यात्मिक परम्परा से परिचित कराने का एक सार्थक प्रयास है।इससे विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव की भावना का विकास होगा,जो उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।इस सम्बन्ध में प्रारम्भिक शिक्षा एवं पं. राज,(प्राथमिक शिक्षा) विभाग के निदेशक सीताराम जाट ने शासन स्तर से प्रदत्त निर्देशों की पालना में आदेश जारी कर समस्त मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला परियोजना समग्र शिक्षा एवं समस्त जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारम्भिक शिक्षा को ऋषभ पखवाड़े के अन्तर्गत सभी विद्यालयों में विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों का आयोजन करने के निर्देश प्रदान किये है।इस निर्णय को अल्पसंख्यक वर्ग और युवा वर्ग ने सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक संवाद की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया है।
तीन वर्गों में होगी प्रतियोगिताएं
1.पूर्व प्राथमिक स्तर (तीन से छह वर्ष)*: ऋषभदेव की स्तुति,प्रार्थना, कहानी सुनना,श्रमणों के प्रवचन, चित्रकारी,पोस्टर निर्माण।
2.प्राथमिक स्तर ( सात से ग्यारह वर्ष): ऋषभदेव की स्तुति,प्रार्थना,कहानी सुनना,श्रमणों के प्रवचन,चित्रकला,पोस्टर निर्माण, निबन्ध लेखन,कविता,एकल गायन।
3.माध्यमिक स्तर (12-18 वर्ष) : ऋषभदेव की स्तुति,प्रार्थना,श्रमणों के प्रवचन,एकल गायन,रंगोली,निबन्ध लेखन,रचनात्मक लेखन,योग शिविर, कविता,समूह चर्चा,डिजिटल प्रस्तुतियां,मूक अभिनय।
चित्रकला और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में भगवान ऋषभदेव के जन्म एवं दीक्षा,तप,ज्ञान,उपदेश और चारित्र से जुड़े प्रसंगों के साथ राष्ट्रीय एकता,ऋषभदेव का प्रतीक चिन्ह (बैल),स्वास्तिक,पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय शामिल किए गए है।आवश्यक जानकारी एवं समस्याओं के समाधान के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याणक अधिकारी से करे सम्पर्क राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् ने प्रदेश के सभी विद्यालयों के संस्था प्रधान और निदेशकों से अपील की
ऋषभ पखवाड़े के बारे आवश्यक जानकारी प्राप्त करने तथा किसी भी समस्या के समाधान के लिए सम्बन्धित जिले के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और कार्यक्रम अधिकारी से कार्यालय समय में सम्पर्क कर ली जा सकती है या फिर rsjyp21@gmail.com पर मेल कर प्राप्त कर सकते है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग के पूर्व अध्यक्ष और राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के परम संरक्षक जस्टिस नरेन्द्र कुमार जैन ने सरकार के इस फैसले को युवा वर्ग और नवीन युवा वर्ग के हित में बताते हुए कहा कि नवीन शैक्षणिक सत्र में विधार्थी वैदिक संस्कृति और श्रमण संस्कृति की परम्पराओं से अवगत होगे।
संरक्षक डॉ. शीतल प्रसाद जैन और खिल्लीमल जैन ने बताया कि राजस्थान सरकार के विद्यालयी शिक्षा विभाग के द्वारा चलाए जा रहे ऋषभ पखवाड़े से विद्यार्थियों को भगवान ऋषभदेव के जीवन से अहिंसा और अपरिग्रह के पालना करने की सीख के साथ आत्म -साक्षात्कार करने का अवसर मिलेगा l सह संरक्षक लोकेश जैन और मंगल चन्द जैन ने बताया कि भगवान ऋषभ देव द्वारा प्रतिपादित षट्कर्म सिद्धान्त (असि,मसि,कृषि, वाणिज्य,शिल्प और कला ) विद्यार्थियों के भविष्य में जीवनयापन करने में बहुत उपयोगी होगा।
अल्पसंख्यक वर्ग के शिक्षाविदों एवं युवा वर्ग ने जताया मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का आभार
इस अवसर पर अल्पसंख्यक वर्ग के शिक्षाविदों एवं युवा वर्ग ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा,कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर,मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास शासन सचिव स्कूल शिक्षा राजेश कुमार यादव,निदेशक माध्यमिक और प्रारम्भिक शिक्षा सीताराम जाट,विशेष सचिव चित्रा गुप्ता,शासन उप सचिव राजेश दत्त माथुर तथा मोनिका बराला और गोविन्द नारायण दाधिच,सहायक शासन सचिव विजय सिंह और हरिनारायण मीणा,अतिरिक्त निदेशक शैलेन्द्र देवड़ा,राजकुमार शर्मा,अनुभाग अधिकारी सुश्री ज्योति सोनी और दीपा मीणा,सहायक निदेशक गुणवत्ता जितेन्द्र सिंह आदि का आभार प्रकट करते हुए उनका धन्यवाद ज्ञापित किया।
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