ने रॉयल मलेशियाई वायु सेना (आरएमएएफ) के साथ मिलकर सुखोई-30एमकेएम और एफ/ए-18 हॉर्नेट विमानों के साथ तथा
उनके विरुद्ध उच्च-तीव्रता वाले हवाई युद्ध अभियानों एवं संयुक्त सामरिक युद्धाभ्यासों में हिस्सा लिया। इस द्विपक्षीय अभ्यास का
मुख्य उद्देश्य हवाई युद्ध की रणनीति को बेहतर बनाना, विषय विशेषज्ञों के बीच अनुभवों
(एसएमईई) का आदान-प्रदान करना और संयुक्त परिचालन क्षमताको अधिक प्रभावी बनाना था।दोनों तैनातियों के दौरान
संयुक्त गतिविधियां केवल कॉकपिट तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि रखरखाव की प्रक्रियाओं, मिशन योजना से जुड़ी जानकारी के
आदान-प्रदान और सांस्कृतिक मेल-जोल तक विस्तारित हुईं। इससे दोनों देशों के विभिन्न रैंकों के सैन्यकर्मियों के बीच पेशेवर संबंध व आपसी
भाईचारा और मजबूत हुआ।भारतीय वायु सेना वैश्विक रक्षा समुदाय के साथ लगातार संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्रीय
स्थिरता को मजबूत करने, आपसी तालमेल को बढ़ावा देने और सामूहिक सुरक्षा से जुड़ी
पहलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।