जैन सकल संघ के तत्वाधान में 11 संस्थाओं ने रैली निकाल कर सम्मेद शिखर को पवित्र तीर्थ स्थल घोषित करने हेतु दिया ज्ञापन।
|
😊 Please Share This News 😊
|

जैन सकल संघ के तत्वाधान में बुधवार को शहर की 11 जैन संस्थाओं ने हजारों की संख्या में सम्मेद शिखर को पवित्र तीर्थ स्थल घोषित करने हेतु राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन दिया । ज्ञापन में बताया गया कि सम्मेद शिखर जैन समाज का महातीर्थ है। उसे झारखंड सरकार ने पर्यटन स्थल घोषित करवाया है। पारसनाथ पर्वतराज और मधुवन को बिना जैन समाज की सहमति के इको सेंसिटिव जोन के अन्तर्गत घोषित कर पारसनाथ पर्वत का वन्य जीव अभयारण्य का एक भाग लिखकर प्राचीन जैन तीर्थ की स्वतंत्र पहचान और पवित्रता नष्ट करने वाली झारखंड सरकार की अनुशंसा पर केन्द्रीय वन मंत्रालय द्वारा जारी अधिसुचना क्रमांक 2795 (ई) 02.अगस्त.2019 से बाहर किया जाये।
इस अधिसूचना का जैन सकल संघ भीनमाल पुरजोर शब्दो में विरोध करता है क्योंकि वह हमारा शाशवत् जैन तीर्थ है। जहां हमारे बीस तीर्थंकर भगवान मोक्ष को प्राप्त हुए है, जो हमारे लिये पुजनीय स्थान है। उक्त अधिसुचना का हम घोर विरोध करते है। इस संबंध में जैन सकल संघ भीनमाल के समस्त व्यापारीगण अपने प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रखकर विरोध दर्ज करवाते है।
इसके अतिरिक्त हमारे अन्य जैन तीर्थों (पालीतना, गिरनार आदि) पर भी तोडफोड की कार्यवाही असामाजिक तत्वों द्वारा की जा रही है जो हमारे जैन सकल संघ के लिये बहुत बडा आघात है। इन मामलों पर गंभीरतापूर्वक कार्यवाही की जावें।
ज्ञापन में बताया गया है कि वन व पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी अधिसुचना तुरन्त प्रभाव से वापिस ली जाये। जैन समाज के तीर्थ को यथावत जैन समाज का रखते हुए जैन समाज को अनुग्रहित करावे। समस्त जैन तीर्थों पर सुरक्षा की विस्तृत व्यवस्था करवावें।
मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि इससे पूर्व स्थानीय महावीर स्वामी जैन मंदिर परिसर में बुधवार को सुबह जैन समाज के कई संस्थाओं के हजारो लोगों ने एकत्रित होकर हाथों पर काली रिबन बाँध कर मौन रैली का आयोजन किया। रैली महावीर स्वामी जैन मंदिर से पीपली चैक, भंडारी स्ट्रीट, वाराहश्याम मंदिर, गणेश चैक, महालक्ष्मी मंदिर, खारी रोड होते हुए उपखण्ड कार्यालय पहुंची। जहां पर जैन समाज के हजारो लोगों ने उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन दिया। ये संस्थाएं रही साथ सकल जैन संघ के तत्वावधान में शहर की ग्यारह संस्थाओं ने भी ज्ञापन दिया । जिसमें सकल जैन संघ, महावीर स्वामी जैन श्वेताम्बरा तपागच्छीय ट्रस्ट, पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर तपागच्छीय ट्रस्ट, पार्श्व शांति जैन तपागच्छीय ट्रस्ट, अचलगच्छ जैन श्वेताम्बर ट्रस्ट, राजेंद्रसूरि जैन पाठशाला, वर्धमान महिला मंडल, महावीर बालिका मंडल, आचार्य राज रवींद्र भवन ट्र्स्ट, राजेन्द्र जैन बायों का उपाश्रय ट्र्स्ट, ओसवाल समाज सोश्यल ग्रुप के सदस्यों ने रैली में भाग लेकर ज्ञापन दिया ।
रैली में बैनर एवं झंडे जैन समाज द्वारा निकाली गई रैली में बड़ी संख्या में बैनर एवं झंडे ही नजर आ रहे थे, बालक एवं वरिष्ठ लोग भी झंडे लेकर चल रहे थे । इस मौन रैली को देखने के लिए पूरे मार्ग के दोनों ओर लोगों की भीड़ जमा थी । उनमें काना फूसी होती रही की कितनी अनुशासित रैली निकल रही है । न तो कोई शोर शराबा है तथा न ही नारो की गूँज ।
रैली में न तो ढोल ढमाको की आवाज़ तथा न ही शोर गुल दिखाई दिया ।ये रहे उपस्थित सम्मेद शिखर को पर्यटक स्थल घोषित करने के विरोध में ज्ञापन देने वालों में प्रेमराज बोहरा, पृथ्वीराज कावेडी, सुखराज मेहता, मदनलाल पालगोता, माणकमल भंडारी, डाॅ. श्रवणकुमार मोदी, भंवरलाल कांनूगो, अशोक सेठ, सुनील जैन, अशोक धारीवाल, रमेश बोटी, पुखराज कांनूगो, देवेन्द्र भंडारी, हेमराज मेहता, हुक्मराज मेहता, वीरमचंद बोहरा, सरोज बाफना, अक्षिता पालगोता, हेमलता जैन, रक्षा सहित बड़ी संख्या में महिलाओं एवं बालिकाओं ने भाग लिया ।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |
[responsive-slider id=1466]
