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इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आरएंडडी संस्थान समीर ने सीमेंस हेल्थीनीयर्स के साथ इंडिया एमआरआई तकनीक – एक डीपटेक स्वास्थ्य देखभाल आरएंडडी और आपूर्ति श्रृंखला पारितंत्र बनाने में एक मील का पत्थर पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

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इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अंतर्गत आने वाले भारत के प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संस्‍थान समीर ने आज बेंगलुरू में सीमेंस हेल्थीनीयर्स के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए, जो भारत में स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल और नैदानिक ​​पहुंच को आगे बढ़ाने के लिए नई, बेहतर और नवीन प्रौद्योगिकियों के विकास में योगदान देगा। इस अवसर पर उपस्थित इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी तथा कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर ने इस रणनीतिक समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह हर भारतीय के लिए गुणवत्तापूर्ण, सस्ती स्वास्थ्य सेवा और नैदानिक ​​पहुंच प्रदान करने के प्रधानमंत्री के विजन के तहत कम लागत वाली एमआरआई उपलब्ध कराएगा।इस बात पर जोर देते हुए कि 2015 में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए डिजिटल इंडिया कार्यक्रम ने भारत को प्रौद्योगिकी के उपभोक्ता से प्रौद्योगिकी, उपकरणों और उत्पादों के निर्माता बनने का मार्ग प्रशस्त किया है, मंत्री ने कहा, “आज समझौता ज्ञापन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

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यह कहते हुए कि भारत में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र एक बड़े बाजार का प्रतिनिधित्व करता है, मंत्री ने कहा कि सरकार उन वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी करने के लिए तैयार है जो भारत में विनिर्माण आधार स्थापित करने की इच्छुक हैं। उन्होंने कहा, “हम वैश्विक कंपनियों और भारत के शैक्षणिक संस्थानों के विशाल नेटवर्क के बीच सह-विकास पर आधारित आरएंडडी मॉडल के भी समर्थक हैं।”

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सरकार उद्योग के लीडर और शिक्षाविदों के साथ मिलकर काम कर रही है, इसका उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा, “सरकार भारत में अगली पीढ़ी की प्रतिभा को तैयार करने के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ बैठने को तैयार है। ”

समीर, जो सोसाइटी फॉर एप्लाइड माइक्रोवेव इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग एंड रिसर्च का संक्षिप्त नाम है, आरएफ माइक्रोवेव्स रडार और कम्युनिकेशन सिस्टम्स, ई3 टेस्टिंग और मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स एक रणनीतिक साझेदारी में दक्ष है।

मंत्री ने आशा व्यक्त की कि साझेदारी विशेष रूप से मैग्नेटिक रिजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) और लीनियर एक्सिलरेटर्स (लाइनेक) में स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकियों में समीर और सीमेंस हेल्थीनीयर्स की विशेषज्ञता का तालमेल करते हुए संयुक्त गतिविधियों को आगे बढ़ाएगी जो भारत में एमआरआई तक पहुंच में सुधार करेगी। उन्होंने कहा, “सीमेंस न केवल स्वास्थ्य देखभाल में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी भारत का एक अच्छा भागीदार है।”

इस अवसर पर बोलते हुए, समीर के महानिदेशक डॉ. पी हनुमंत राव ने कहा कि समीर निदान के लिए कैंसर थेरेपी और मैग्नेटिक रिजोनेंस इमेजिंग सिस्टम के लिए उन्नत लीनियर एक्सिलरेटर्स में अनुसंधान एवं विकास कार्य कर रहा है।

उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि यह साझेदारी सीमेंस हेल्थीनीयर्स के लिए स्थानीय उद्योग की पहुंच बनाने में मदद करेगी, और बदले में, समीर को उन्नत स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकियों में अगली पीढ़ी के अनुसंधान तक पहुंच प्राप्त होगी। ये पहलें देश भर में जीवन बचाने के लिए प्रारंभिक निदान और उपचार के लिए स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकियों को तैनात करने की दिशा में भारत के स्वास्थ्य मिशन को सक्षम बनाएंगी।
एमआरआई और उद्योग पारितंत्र में अनुसंधान का समन्वय कर रहे श्री राजेश हर्ष ने कहा, वर्तमान में, समीर सुश्रुत एमआरआई (भारतीय एमआरआई) प्रणाली के तहत आईएमआरआई (स्वदेशी मैग्नेटिक रिजोनेंस इमेजिंग) प्रौद्योगिकी विकसित कर रहा है।

सीमेंस हेल्थीनीयर्स के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी श्री पीटर शार्ट ने अपनी ओर से कहा, “साझेदारी सबसे जानलेवा बीमारियों से लड़ने पर ध्यान केंद्रित करेगी और देश भर में सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा को और अधिक कुशल, टिकाऊ और मानवीय बनाने का प्रयास करेगी। ”

श्री दिलीप मंगसुली, डेवलपमेंट सेंटर हेड, सीमेंस हेल्थीनीयर्स ने कहा, “इस तरह की साझेदारी भारत के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और हर जगह सही समय पर सही उपचार देने के लिए नवाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और प्रतिभा को एक साथ लाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”

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