गांव – गांव यज्ञ अभियान का आगाज किया, नरता गांव से यज्ञ में बड़ी संख्या में लोगों ने लिया भाग ।
|
😊 Please Share This News 😊
|

सनातन संस्कृति जागरण संघ द्वारा गांव गांव में आयोजित यज्ञ का शुभारम्भ निकटवर्ती गांव नरता से किया गया महान हिन्दू समाज में व्याप्त जातिवाद, जातिगत भेदभाव, व्यसन, संस्कारों में आती गिरावट, धर्म से भटकाव एवं कुरीतियों व कुसंस्कारों को समाप्त कर प्रेम पुर्ण, भ्रातृत्व भाव से युक्त, सरस, समरस, एकरूप एवं संगठित हिन्दू समाज की स्थापना हेतु प्रयासरत सनातन संस्कृति जागरण संघ ने पिछ्ले कुछ महिनों से भीनमाल में चल रहे अपने घर घर यज्ञ अभियान को विस्तार देते हुए इसके साथ ही गांव गांव यज्ञ अभियान का शुभारंभ नरता गांव से किया।सनातन संस्कृति जागरण संघ के सदस्यों द्वारा गुरुवार शाम को नरता निवासी केवाराम मेघवाल के घर के आंगन में यज्ञ का आयोजन किया गया ।
जिसमें मेघवाल समाज के अलावा गांव के दर्जनों बन्धु व मातृ शक्ति ने भाग लिया। वेदमंत्रों के उच्चारण पर स्वाहा के साथ लगती यज्ञाहुति से वातावरण में एक अलौकिक आभा फैल गई । मानो चहुँओर फैली यज्ञ की महक ने हमे अपने सत्कर्मों की महक समाज में बिखेरने का ईश्वरीय संदेश दिया हो। सनातन संस्कृति जागरण संघ के सदस्य यज्ञ से पहले नरता गांव में यज्ञ में आमंत्रित करने रावले में गये । जहाँ भानुवीरसिंह ने सबका सम्मान कर यज्ञ में स्वयं भाग लिया। यज्ञ के बाद व्यसन मुक्ति के आग्रह पर लोगों ने बडी संख्या में माँस, मदिरा, तम्बाकू आदि त्यागने का प्रण लिया। इस अवसर पर सनातन संस्कृति जागरण संघ के सदस्यों एवं आगन्तुक भाई बंधुओं ने एक साथ चाय पानी ग्रहण किया । नरता गांव के बहुत से युवा एवं प्रौढ़ इस अवसर पर संगठन में शामिल हुए।
इस अवसर पर समस्त हिन्दू समाज को संगठित, सशक्त, सबल और एक करने के लिए शंकरलाल सोलंकी, राजूसिंह माली, भानुवीरसिंह, प्रितमदास वैष्णव व कुशलापुरा के छैलसिंह ने अपने विचार रखे। नरता गांव के नागरिकों ने सनातन संस्कृति जागरण संघ के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और भविष्य में नरता में बडे स्तर पर यज्ञ के आयोजन का न्यौता भी दिया।
संगठन के मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि इस अवसर पर सनातन संस्कृति जागरण संघ के बहुत से सदस्य नरता गांव में यज्ञ में उपस्थित रहे । जिसमें शंकरलाल सोलंकी, सतीश दुआ, प्रभुराम जीनगर, छेलसिंह, प्रीतमदास वैष्णव, भानुवीरसिंह, गजाराम मेघवाल, शंकरलाल गर्ग, राजुसिंह माली, नरिंगाराम चौधरी, आम्बाराम चौधरी, विक्रमसिंह जोधा, शोभापुरी, बाबुलाल सोलंकी, मांगीलाल राणा, कैलाशपुरी, दिलीप चौहान, रमेश जीनगर मोडर्न, बगदाराम मेघवाल, जसवंत सुखाड़िया, रमेशपुरी, रम्यराजसिंह सहित कई लोग उपस्थित रहे। यज्ञ का सम्पादन राव विक्रमसिंह आर्य ने वैदिक रीति से करवाया।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |
[responsive-slider id=1466]
