भीनमाल में आज महेश नवमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया।
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भीनमाल। शहर में माहेश्वरी समाज ने महेश नवमी का पर्व धूमधाम से मनाया जिसमे तहसील अध्यक्ष महादेव राठी ने बताया कि सुबह समाज के न्याति नोहरे में भगवान महेश की पूजा का आयोजन किया गया फिर भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसमे महिलाएं व पुरुषों ने बड़ी संख्या में भाग लिया शोभायात्रा विभिन्न मार्गो से होती हुई समाज के न्याति नोहरे में पहुंची फिर महाआरती का आयोजन हुआ।शोभायात्रा में जगह जगह पेयजल व आइस्क्रीम की व्यवस्था रही। महेश नवमी क्यो मनाई जाती है – मान्यता है कि युधिष्टिर संवत 9 जेष्ट शुक्ल नवमी के दिन भगवान शंकर और देवी पार्वती ने ऋषियों के शाप के कारण पत्थरवत् बने हुए 72 क्षत्रिय उमराओं को शाप से मुक्त किया था और उन्हें पुनर्जीवन देते हुए कहा की आज से तुम्हारे वंशपर (धर्मपर) हमारी छाप रहेगी, तुम “माहेश्वरी’’ कहलाओगे।
भगवान शंकर और देवी पार्वती की कृपा से 72 क्षत्रिय उमरावों को दूबारा जीवन दान मिला। इस कारण माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति हुई। तबभी से भगवान महेश और माता पार्वती को माहेश्वरी समाज के संस्थापक माना जाना लगा। माहेश्वरी समाज में यह दिन माहेश्वरी वंशोत्पत्ति दिन के रुप में बहुत ही श्रृध्दा व उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस पर्व की योजना कई दिनों पहले से ही आरम्भ हो जाती है। इस पर्व पर धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भगवान शंकर व माता पार्वती की शोभायात्रा लोग निकालते हैं। भगवान शंकर व माता पार्वती की महाआरती का आयोजन पूर्ण भक्ति और आस्था के साथ किया जाता है।
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