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महाराजा गजसिंह जी पर लिखित पुस्तक ‘‘बापजी: महाराजा ऑफ मारवाड़ जोधपुर: दी किंग हू वुड बी मैन‘‘ की ब्रिटेन के हाऊस ऑफ लार्ड्स में हुई लांचिंग

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जोधपुर, 14 जुलाई। महाराजा गजसिंह जी पर लिखित पुस्तक ‘‘बापजी: महाराजा ऑफ मारवाड़ जोधपुर: दी किंग हू वुड बी मैन‘‘ का ब्रिटेन की संसद के हाऊस ऑफ लार्ड्स में विमोचन हुआ। समारोह में महाराजा गजसिंह जी व महारानी हेमलता राज्ये जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।महाराजा गजसिंह जी के एज्यूकेटिव असिस्टेंट पुष्पेन्द्र सिंह भाटी ने बताया कि ब्रिटेन की संसद के हाऊस ऑफ लार्ड्स में एक गरिमामय समारोह में पुस्तक के विमोचन का कार्यक्रम हुआ जिसमें हाऊस ऑफ लार्ड्स के सदस्य लार्ड करण बिलमोरिया ने कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में ब्रिटेन के हाऊस ऑफ लार्ड्स के कई सदस्य उपस्थित थे।
महाराजा गजसिंह जी से अनेक सवाल हुए-
पुस्तक विमोचन समारोह के अवसर पर महाराजा गजसिंह जी से शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन, कला व संस्कृति के सन्दर्भ में उपस्थित लोगों ने कई सवाल किए। महाराजा गजसिंह जी ने अपने जवाब में कहा कि शिक्षा क्षेत्र में कार्य के लिए राजमाता कृष्णा कुमारी से प्रेरणा मिली, उनकी सोच को आगे बढ़ाया व शिक्षा के क्षेत्र में कार्य किया, जिसमें राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स स्कूल, देसूरी फोर्ट में राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स हॉस्टल व केरू में गर्ल्स हॉस्टल खोले गये। इण्डियन हेड इंजरी फाउण्डेशन की स्थापना के दुर्घटना से बचाव व जागरूकता का कार्य किया जा रहा है। जल भागीरथी फाउण्डेशन के द्वारा मारवाड़ में जल संचय व जल की बचत के लिए अनेक कार्य किए गये हैं।

कला, संस्कृति व पर्यटन के क्षेत्र में कार्य-
महाराजा गजसिंह जी ने इस अवसर पर कहा कि कला व संस्कृति व पर्यटन के क्षेत्र में कार्य किए जा रहे हैं। महरानगढ़ म्युजियम ट्रस्ट के द्वारा विदेशों में कई जगह प्रदर्शनियाँ आयोजित की गई ताकि यहाँ कला व संस्कृति का प्रचार हो।
विदेशी शिक्षा के बावजूद पुनः जड़ों से क्यों जुड़े-
कार्यक्रम में महाराजा गजसिंह जी से सवाल किया कि उन्होंने विदेश में शिक्षा के बावजूद वापिस जोधपुर क्यों लौटे, तो महाराजा गजसिंह जी ने कहा कि उन्होंने ब्रिटेन में शिक्षा प्राप्त की पर संस्कार भारतीय रहे व जोधपुर की यादें, स्नेह व अपणायत व भविष्य की जिम्मेदारियाँ वापिस खींच लायी। जोधपुर लौटने पर जनता द्वारा अपणायत व जोरदार स्वागत ने मुझे जोधपुर व मारवाड़ के लोगों के बीच रहकर कार्य करने की जिम्मेदारी व जुड़ाव ने यही कार्य करने व जिम्मेदारियाँ निभाने को प्रेरित किया और आज वह इससे बेहद संतुष्ट व खुश हैं जोधपुर की जनता के बीच रहकर।कार्यक्रम में महारानी हेमलता राज्ये जी से भी उनकी महारानी के रूप में भूमिका पर सवाल किया। महारानी हेमलता राज्ये जी ने कहा कि उनके द्वारा महाराजा गजसिंह जी के साथ मारवाड़ व जोधपुर की जनता के बीच रहकर कार्य करने का निरन्तर प्रयास करते हैं। जनता का स्नेह व अपणायत ऐसा करने के लिए प्रेरित करते है।
पुस्तक के बारे में हुई चर्चा-
समारोह में पुस्तक के बारे में भी चर्चा हुइं। बताया कि इस पुस्तक में महाराजा हनवन्त सिंह जी के 26 जनवरी, 1952 में हवाई दुर्घटना में देहान्त के बाद विकट व संकटमय परिस्थिति में महाराजा गजसिंह जी का 12 मई, 1952 को राजतिलक होने से लेकर उनके संघर्षों व राजशाही को जनसेवा में बदलने के सफर को दर्शाया गया है। पुस्तक के लेखक योगी वैद्य व अमननाथ ने उनके बचपन से लेकर एक आधुनिक महाराजा के रूप में मारवाड़ की विरासत, कला, संस्कृति, इतिहास के संरक्षण व संवर्द्धन की यात्रा का सिलसिलेवार वर्णन किया है। पुस्तक में उनके दुर्लभ फोटो प्रकाशित किए गए हैं। यह पुस्तक एक व्यक्ति की कहानी नहीं बल्कि एक परम्परा, जिम्मेदारी व समय के साथ बदलते भारत की यात्रा है। इस अवसर पर ब्रिटेन में राजस्थान राजपूत एसोशिएशन यूके के हरेन्द्र सिंह राठौड़ व संस्थान के पदाधिकारियों ने महाराजा गजसिंह जी व महारानी हेमलता राज्ये जी का स्वागत व अभिनन्दन किया।

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